निलंबन पर अदालत की रोक:इंदिरा गांधी नहर परियोजना के वरिष्ठ सहायक को चीफ इंजीनियर ने किया सस्पेंड, हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक, नोटिस भी जारी

बीकानेर18 दिन पहले
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आईजीएनपी ऑफिस बीकानेर - Dainik Bhaskar
आईजीएनपी ऑफिस बीकानेर

इंदिरा गांधी नहर परियोजना में कार्यरत एक वरिष्ठ सहायक को निलंबित करने के चीफ इंजीनियर के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने रोक लगा दी है। इसी के साथ इस मामले में नहर विभाग से जवाब भी मांगा गया है। मामला वरिष्ठ सहायक वासुदेव जाखड़ से जुड़ा है, जिन्हें पिछले दिनों सस्पेंड कर दिया गया था।

सहायक अभियंता डिस्ट्रीब्यूटरी के तीसरे सब डिविजन में कार्यरत जाखड़ को चीफ इंजीनियर ने अधीक्षण अभियंता की एक शिकायत के आधार पर सस्पेंड किया था। इससे पहले अधीक्षण अभियंता ने ही जाखड़ को अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए एक पत्र दिया था। ये पत्र 27 सितम्बर को दिया गया। दो दिन बाद ही चीफ इंजीनियर ने 29 सितम्बर को सस्पेंड कर दिया। पत्र में स्पष्ट किया गया कि अधीक्षण अभियंता के पत्र के आधार पर उन्हें सस्पेंड किया जा रहा है।

इस पर जाखड़ ने राजस्थान उच्च न्यायालय में वाद दायर करते हुए अपने सस्पेंशन को गलत ठहराते हुए न्याय की मांग की। इस पर एडवोकेट प्रमेंद्र बोहरा ने रिट दायर की। जिसमें चीफ इंजीनियर की ओर से किए गए आदेश को अनुचित बताया गया। अधीक्षण अभियंता के एक पत्र के आधार पर सस्पेंड करने को नियम विरुद्ध बताया गया। ये भी आरोप लगाया गया कि चीफ इंजीनियर ने स्वविवेक या किसी जांच के आधार पर सस्पेंड नहीं किया है। राजस्थान सिविल सेवा अपील (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) निम के तहत भी सस्पेंड करने के आदेश नियमों के खिलाफ है। इस पर न्यायालय ने सस्पेंड आर्डर पर रोक लगाते हुए चीफ इंजीनियर से जवाब तलब किया है।

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