ये सियासत है / पहली बार भाजपा के बोर्ड में कांग्रेस की कमेटियां, महापौर की घोषणा दरकिनार

Congress committees on BJP board for the first time, bypassing the mayor's announcement
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Congress committees on BJP board for the first time, bypassing the mayor's announcement

  • 143 दिन बाद नगर निगम कमेटियों की घोषणा

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 07:20 AM IST

बीकानेर. नगर निगम की राजनीति ने करवट ली है। स्वायत्त शासन विभाग ने 143 दिन बाद मंगलवार को 17 कमेटियों की सूची जारी कर दी। नए सिरे से बनाई सभी कमेटियों में कांग्रेसी पार्षद ही अध्यक्ष और ज्यादातर सदस्य हैं। बीजेपी पार्षदों को बहुत कम कमेटियों में स्थान मिला है। स्वायत्त शासन विभाग ने सात फरवरी की साधारण सभा में महापौर की ओर से पास किए गए प्रस्तावों को नहीं माना। 

निदेशक उज्जवल राठौड़ ने मंगलवार की शाम नई कमेटियों के गठन के आदेश जारी किए। इसके साथ ही कमेटियों को लेकर पिछले चार माह से चल रहा गतिरोध भी समाप्त हो गया। बीकानेर निगम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब भाजपा बोर्ड में कांग्रेस की कमेटियां होंगी।

एक मात्र कार्यपालक समिति को छोड़ शेष सभी 16 कमेटियों के अध्यक्ष कांग्रेसी पार्षद बनाए गए हैं। क्योंकि महापौर इस समिति के स्थायी अध्यक्ष होते हैं। कांग्रेस को समर्थन देने वाले निर्दलीय पार्षदों को भी महत्वपूर्ण कमेटियों में जगह दी गई है। जबकि उप महापौर को कार्यपालक समिति के अलावा अन्य किसी समिति में शामिल नहीं किया गया है। सार्वजनिक मार्गों, स्थानों और भवनों में रोशनी समिति तृतीय में सात तथा बाकी सभी समितियों में 10-10 सदस्य बनाए गए हैं। विशेष आमंत्रित सदस्य किसी भी समिति में नहीं बनाए गए हैं। 
143 दिन चला गतिरोध
नगर निगम की सात फरवरी को हुई साधारण सभा में महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित ने बिना पढ़े ही सभा में रखे सभी प्रस्ताव पास कर दिए थे। इसके साथ ही 17 कमेटियों का गठन करते हुए सूचियां भी जारी कर दीं। कांग्रेसी पार्षदों के विरोध के बाद आयुक्त ने दस फरवरी को इस संबंध में डीएलबी से मार्ग दर्शन मांग लिया।

उसके बाद कमेटियों को लेकर महापौर और आयुक्त के बीच खींचतान चलती रही। 20 मई को महापौर ने खुद के हस्ताक्षर से कमेटियां जारी कर दीं। लेकिन आयुक्त ने साइन नहीं किए। उसके बाद भी गोशाला समिति की कई बैठकें हो गईं।

  • सरकार ने स्थानीय विधायक एवं मंत्री के दबाव में आकर लोकतंत्र की हत्या की है। पालिका अधिनियम की अवहेलना की गई है। निगम ने सात फरवरी को कमेटियों का गठन कर दिया था। लेकिन आयुक्त ने प्रोसीडिंग ही जारी नहीं की। तब कमेटियों के आदेश हमने जारी कर दिए थे।  -सुशीला कंवर राजपुरोहित, महापौर
  • यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। कांग्रेसी पार्षदों की जीत है। हमने सत्य का साथ नहीं छोड़ा। सरकार ने न्याय किया है। अब शहर का विकास होगा।  -जावेद पड़िहार, कांग्रेसी पार्षद

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