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बिजली की मांग बढ़ी:मार्च के मुकाबले ढाई करोड़ यूनिट अधिक हो रही खपत, आंधी व बारिश आते ही बिजली कंपनी काटेगी बिजली

बीकानेर15 दिन पहले
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मानसून की बेरूखी ने गर्मी व उमस से लाेगाें काे परेशान कर रखा है। सूरज की तपिश इस कदर हावी हाे चुकी है कि लाेग सुबह जल्दी काम निपटाने में जुट जाते हैं ताकि गर्मी में बाहर नहीं घूमना पड़े। शाम काे बाजार में डेढ़-दाे घंटे भर ही राैनक नजर आती है। गर्मी के सितम के चलते शहर में बिजली की खपत भी कई महीनाें से निरंतर बढ़ रही है।

मार्च में शहर में हर माह पांच कराेड़ 40 लाख यूनिट बिजली की खपत हाेती थी, जाे बढ़कर जून में आठ कराेड़ यूनिट काे पार कर चुकी है। अभी अगस्त का माैसम बाकी है। ऐसे में बरसाती सीजन में जब कूलर फेल हाे जाएंगे ताे लाेग एसी का उपयाेग ज्यादा करेंगे।

ऐसे में बिजली की खपत आने वाले दिनाें में और बढ़ सकती है। पेट्राेल, डीजल, गैस के बाद अगर महंगाई की बात करें ताे बिजली भी काफी महंगी हाे चुकी है। उधर बीकेईएसएल के हैड शांतनु भट्टाचार्य ने बताया शहरी क्षेत्र में बिजली संबंधी फाल्टस को दूर करने के लिए दिन में 13 तथा रात में 16 टीमें तैनात की है।

कंट्रोल रूम में शाम में 4 तथा रात में 3 सीनियर ऑफिसर के साथ कंट्रोल रूम हैड तैनात किए गए हैं। आंधी-तूफान में बिजली के खंभों के गिरने या तारों के टूटने की आशंका के चलते बिजली बंद रखी जाएगी। सभी डिवीज़न में पोल, ट्रांसफार्मर, तार एवं अन्य जरूरत के सामान की व्यवस्था कर ली है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अलर्ट रहने के आदेश दिए हैं।

मेंटीनेंस के लिए तीन माह में 125 घंटे बंद रही बिजली

बरसाती सीजन में बिजली की सप्लाई में किसी तरह व्यवधान न आए। हादसाें से बचने के लिए बिजली कंपनी व राजस्थान विद्युत प्रसार निगम ने 42 विद्युत कट लिए थे। प्रत्येक कट में औसत तीन घंटे बिजली की सप्लाई बंद रही। इससे शहर की 15 से 18 काॅलाेनियाें के लाेगाें काे गर्मी में परेशान हाेना पड़ा, जबकि प्रसार निगम ने जब बिजली का कट लगाया ताे शहर के आधे से ज्यादा एरिया में सप्लाई बंद रही। उधर बीकेईएसएल के अधिकारियाें का कहना है कि बिजली के कट मरम्मत कार्य के लिए लगाए गए।

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