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  • Corporation Will Conduct Survey For Dense Population And Raw Slums, Discussion On Master Plan, First Major Meeting After Formation Of BJP Board In Corporation, 10 Points Discussed

नगर निगम:सघन आबादी व कच्ची बस्ती के लिए निगम करेगा सर्वे, मास्टर प्लान पर चर्चा, निगम में बीजेपी बोर्ड गठन के बाद पहली बड़ी बैठक, 10 बिंदुओं पर चर्चा

बीकानेरएक महीने पहले
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  • कार्यवाहक आयुक्त नहीं आए, महापौर ने कई फोन किए, प्रशासनिक मीटिंग में व्यस्तता का हवाला देते रहे
  • अब सफाई कर्मचारियों की भी लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, बंगलों से हटेंगे-निगम में दिखेंगे

नगर निगम में बीजेपी बोर्ड गठन के बाद मंगलवार को सभी अधिकारियों के साथ महापौर सुशील कंवर राजपुरोहित ने शहर के मास्टर प्लान सहित 10 बिंदुओं पर चर्चा की। महापौर के कई बार फोन करने पर भी कार्यवाहक आयुक्त मेघराज मीणा का नहीं आना चर्चा का विषय रहा।

शहर के मास्टर प्लान पर यूआईटी काम कर रहा है। निगम को सघन आबादी और कच्ची बस्ती के लिए सर्वे करना है। भवन निर्माण के मापदंडों के अनुरूप सर्वे होगा। बोर्ड की बैठक में उसे पास करने के बाद सरकार को भेजा जाएगा। महापौर ने इसके लिए एक माह का समय तय किया है। साथ ही सिटी डवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए महापौर की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया। निगम ने हाल ही में 2-2 करोड़ के पैकेज टेंडर किए हैं। उसके कार्यादेश एक सप्ताह में जारी हो जाएंगे।

खास बात ये है कि पैकेज में होने वाले कार्यों का अनुमोदन पहले महापौर से कराना होगा। बोर्ड की बैठक के लिए सभी अनुभागों से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश कंचन राठौड़ को दिए हैं। इसके अलावा महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में 29 सितंबर से स्वच्छता सप्ताह चलाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए रेवेन्यू ऑफिसर अभिषेक गहलोत को नोडल अधिकारी बनाया है।

महापौर ने कहा कि इस बैठक में लिए निर्णयों की समीक्षा 15 नवंबर को होगी। बैठक में उपायुक्त पूर्व मंगलाराम पूनिया, उपायुक्त पश्चिम पंकज शर्मा, अधीक्षण अभियंता ललित ओझा, एक्सईन पवन बंसल सहित विभिन्न अनुभागों के अधिकारी और सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद थे।

अधिकारियों, कर्मचारियों की आवक-जावक पंजिका बनेगी, दोपहर बाद ऑफिस में बैठेंगे सभी अधिकारी
यूआईटी में सोमवार को हुए हंगामे के बाद महापौर ने निगम में अफसरों पर अंकुश लगा दिया है। उन्हें दोपहर बाद निगम में बैठने के लिए पाबंद किया है। सोमवार को पार्षदों ने कार्यवाहक आयुक्त मेघराजसिंह मीणा का घेराव भी किया था। पार्षदों का आरोप था कि मीना फोन नहीं उठाते। यूआईटी से ही निगम चला रहे हैं।

उनके इस कदम से दूसरे अफसर भी मौके का फायदा उठाते हैं। निगम से लापता रहते हैं। महापौर ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोपहर बाद सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालय में बैठने के लिए पाबंद किया है। उन्होंने आवक-जावक रजिस्टर बनने के निर्देश दिए हैं, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का समय कारण सहित दर्ज किया जाएगा।

प्रतिनियुक्तियों पर लगाए कर्मचारी निगम नहीं लौटे तो वेतन कटेगा
नगर निगम के अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियां निरस्त कर उन्हें तत्काल निगम में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पाबंद करने का निर्णय लिया गया अन्यथा उनका अगले माह का वेतन रोका जाएगा। इसके साथ ही सफाई कर्मचारियों को भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ओसवाल डाटा प्रोसेसर को सॉफ्टवेयर बनाने के निर्देश दिए हैं। रात्रिकालीन सफाई के लिए स्वास्थ्य अधिकारी अशोक व्यास को तीन दिन में कार्ययोजना बनाने के लिए पाबंद किया। सभी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर में लगाने तथा सर्किल 8 से बढ़ाकर 16 करने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश महापौर ने दिए।

महापौर के बुलाने पर भी मीटिंग में नहीं आए कार्यवाहक आयुक्त
निगम के कार्यवाहक आयुक्त को महापौर ने कई बार फोन किए। हर बार वह प्रशासनिक बैठक में व्यस्त होने का हवाला देते रहे। आयुक्त के इंतजार में मीटिंग 12.30 की बजाय एक घंटे देरी से शुरू हुई। बीजेपी बोर्ड गठन के बाद महापौर ने पहली बार सभी अफसरों से चर्चा की है।

बिटिया के जन्म के करीब डेढ़ माह बाद महापौर मंगलवार को निगम आईं। कार्यवाहक आयुक्त के नहीं आने से कमेटियों की बैठक पर चर्चा नहीं हो सकी। मीटिंग की प्रोसिडिंग को लेकर अभी से संशय है, क्योंकि प्रोसिडिंग पर आयुक्त के भी साइन होते हैं।

बड़ा कदम... अफसरों के बंगलों
पर नहीं फील्ड में काम करेंगे कर्मचारी, प्रतिनियुक्तियां निरस्त

महापौर ने अन्य स्थानों पर काम कर रहे कर्मचारियों की प्रतिनियुक्तियां निरस्त कर दी हैं। कहा, सफाई कर्मचारी अफसरों के बंगलों की बजाय फील्ड में काम करेंगे। उन्होंने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि कमी के बावजूद कुछ कर्मचारियों को अन्य जगहों पर लगा रखा है।

उन्होंने अन्य स्थानों पर कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल निगम में उपस्थिति देने के लिए पाबंद करते कहा कि नहीं आने पर उनका वेतन रोक दिया जाएगा। साथ ही सफाई कर्मचारियों के वेरिफिकेशन का काम पार्षदों को सौंप दिया। सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने, रजिस्टर में हाजिरी पूरी रहने के बावजूद फील्ड से लापता होने जैसी सफाई कर्मियों की शिकायतों के चलते बैठक में तय हुआ कि पार्षद रोजाना अपने वार्ड में सफाई कर्मचारियों का वेरिफिकेशन करेंगे।

इससे सफाई कर्मचारियों के नदारद रहने की आदत पर अंकुश तो लगेगा ही, हाजरी रजिस्टर में जमादार और इंस्पेक्टरों की कारगुजारियों की भी पोल खुलेगी। हालांकि इसे लेकर पहले भी काफी बवाल मच चुका है। पूर्व में साधारण सभा में ऐसा प्रस्ताव लिया था, जिससे कर्मचारी नाराज हो गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि पार्षदों को उनके रजिस्टर चेक करने का अधिकार नहीं है।

नंदी गोशाला में पशुओं की मौत पर चर्चा नहीं, ढाई करोड़ खर्च होने का मुद्दा उठा
नंदी गोशाला को लेकर कुछ माह पहले निगम में माहौल काफी गर्म था। लेकिन अब चुप्पी है। हालांकि पशु अब भी मर रहे हैं। मीटिंग में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई। महापौर ने ढाई करोड़ रुपए गोशाला संचालक को देने का मुद्दा उठाया। एईएन संजय ठोलिया ने बताया कि ढाई करोड़ का एस्टीमेट तैयार हो गया है। गोशाला से पशुओं को अन्य गोशालाओं में भेजने के लिए महापौर ने सात दिन का समय दिया है।

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