हांफा सिस्टम:दो घंटे भी नहीं चली निगम की फॉगिंग मशीनें

बीकानेर2 महीने पहले
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जिला कलक्टर नमित मेहता के आदेश पर सीएमएचओ को सौंपी गई नगर निगम की दो फॉगिंग मशीनें बुधवार को दो घंटे भी नहीं चली। पहली मशीन को चलाने के कुछ देर बाद ही खराब हो गई, वहीं दूसरी ने डेढ़ घंटे में ही जवाब दे दिया। निगम की दोनों मशीनें खराब होने के बाद अब गुरुवार को सीएमएचओ की दो फॉगिंग मशीनों से शहर के विभिन्न हिस्सों में फॉगिंग करवाई जाएगी। उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने सात लाख रुपए की लागत से दो फॉगिंग मशीनें खरीद की थी। लेकिन दो दिन चलने के बाद निगम प्रशासन ने इन्हें बाड़े में खड़ा करवा दिया।

इसके बाद मंगलवार को जिला कलक्टर मेहता ने डेंगू की समीक्षा बैठक के दौरान निगम की दोनों मशीनों को सीएमएचओ को सौंपने के निर्देश दिए। लेकिन सीएमएचओ टीम ने जैसे ही मशीनों को फॉगिंग के लिए चालू किया वे एक के बाद एक खराब होती गईं। सीएमएचओ डॉ. ओपी चाहर ने बताया कि निगम की खराब हुई मशीनों के बारे में निगम अधिकारियों व जिला प्रशासन को अवगत करवा दिया गया है।

बिना हथियार कैसे लड़ेंगे डेंगू से जंग : जिले में डेंगू लगातार फैल रहा है, लेकिन जिला प्रशासन के पास डेंगू से लडऩे के लिए संसाधन तक उपलब्ध नहीं है। हॉस्पिटल में पेशेंट्स की भीड़ बेकाबू होती जा रही है। बेड कम पडऩे के कारण पेशेंट्स को एमसीएच में भर्ती किया जा रहा है। डेंगू की जांच के लिए जिला हॉस्पिटल और पीबीएम में ही मशीनें उपलब्ध है। यहां डेंगू की जांच करवाने वाले पेशेंट्स और उनके परिजनों को लैब के बाहर घंटों खड़े रहकर रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है। नगर निगम प्रशासन ने डेंगू से लड़ने के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं। उसके द्वारा खरीद की गईं दोनों मशीनें खराब हो चुकी है। इतना ही नहीं शहर में फैली गंदगी को भी निगम प्रशासन समय पर साफ नहीं करवा पा रहा है। ऐसे में चिंता इस बात की है कि आखिर डेंगू के पॉजिटिव मरीज किसके भरोसे हैं।

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