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  • Crop In Many Districts Of Western Rajasthan Due To Less Water In Pong Dam; Production Of Wheat, Gram And Mustard Will Be Affected

नहर में पानी का संकट, फसल पर असर:पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में फसल संकट में; गेहूं, चना व सरसों का उत्पादन प्रभावित होगा

बीकानेरएक महीने पहले
नहरों में पानी नहीं होने से खेती पर पड़ रहा असर।

पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों में किसानों की फसल एक बार फिर बर्बादी की ओर पहुंच रही है। पोंग डेम में पानी होने के बावजूद कम पानी देने की नहर प्रबंधन की जिद ने सिंचाई का संकट खड़ा कर रखा है। बीकानेर के किसानों की फसल जहां बर्बाद होने के कगार पर है, वहीं श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में जैसे-तैसे फसल तैयार हुई है, इसे बनाए रखना चुनौती बन गया है। जैसलमेर व बाड़मेर में तो किसान नहर भरोसे सिंचाई करने से ही डर रहा है।

दरअसल, पश्चिमी राजस्थान में बीकानेर और यहां से आगे जैसलमेर-बाडमेर तक किसानों को पोंग डेम का पानी मिलता है। पोंग डेम में पिछले साल की तुलना में कम पानी है। पिछले साल यहां इन दिनों में 1343 फीट पानी है जबकि पिछले साल यहां 1351 फीट पानी था। कम पानी होने नहर प्रबंधन थोड़ा थोड़ा पानी ही सिंचाई के लिए दे रहा है। दरअसल, बीस मई तक 1301 क्यूसेक पानी पोंग डेम में रखने का टारगेट है। गर्मी में पानी की किल्लत से बचने के लिए अभी सिंचाई पानी की कटौती करते हुए नहर को तीन भागों में विभक्त करके एक बारी पानी दिया जा रहा है। ऐसे में किसान को बीस से पच्चीस दिन बाद पानी मिलता है। खेत में खड़ी सरसों और गेहूं की फसल को पूरा पानी नहीं मिलने से संकट खड़ा हाे रहा है।

पोंग डेम से पिछले साल इन दिनों में 2292 क्यूसेक पानी आ रहा था लेकिन इस बार 1604 क्यूसेक पानी ही आ रहा है, हालांकि निकासी पिछले साल की तुलना में कम है। इस साल 8414 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है, जबकि पिछले साल इसी वक्त 12 हजार 506 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा था।

भाखड़ा से मिल रहा पानी

उधर, भाखड़ा बांध से किसानों को ठीक पानी मिल रहा है। हनुमानगढ़ के नोहर, भादरा व टिब्बी सहित कुछ एरिया में पानी मिलने से बंपर फसल होने की उम्मीद की जा रही है। भाखड़ा में भी हालांकि पानी कम आ रहा है। अभी यहां 6835 क्यूसेक पानी आ रहा है जबकि पिछले साल यहां 9176 क्यूसेक पानी ही आ रहा है। इसके बाद भी पिछले साल की तुलना में अधिक पानी निकाला जा रहा है। अभी निकासी साढ़े सत्रह हजार क्यूसेक है जबकि पिछले साल ये 15 हजार 610 क्यूसेक थी। भाखड़ा में पानी का लेवल अभी 1626.55 फीट है जबकि पिछले साल ये 1623.18 था।

पहले दिया है ज्यादा पानी

नहरी क्षेत्र के विशेषज्ञ नरेंद्र आर्य का कहना है कि इससे पहले पोंग डेम का जल स्तर कम होने की चिंता नहीं करते हुए भी किसानों को चार में दो बारी पानी दिया गया है। अभी भी दिया जा सकता है, सरकार गर्मी की चिंता करके सर्दी में फसलों को बर्बाद कर रही है।

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