निशाना साधा / 31 मई तक बिजली बिल जमा नहीं कराने पर कनेक्शन काटना सरकार का तुगलकी फरमान, भाजपा इसकी विरोध करेगी : राठौड़

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  • बिजली बिल जमा नहीं कराने पर ब्याज और पैनल्टी वसूलना भी गलत

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:02 AM IST

बीकानेर. लॉकडाउन के दौरान तीन माह स्थगित बिजली बिलों की अब एक साथ वसूली के अलावा उन पर ब्याज और पैनल्टी लगाने के मुद्दे पर राज्य विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, सरकार ने कोरोना से कराह रहे लोगों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। राठौड़ ने भास्कर को बताया कि प्रदेश में 1 करोड़ 20 लाख बिजली उपभोक्ता है जिसमें 52 लाख ऐसे है जिनका मासिक बिजली खर्च औसत 150 यूनिट के करीब है।
सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं से मार्च, अप्रैल व मई के बिजली बिलों को अब एक साथ मांगा है। और अब इन पर ब्याज और पैनल्टी भी वसूली जा रही है, जो गलत है। इतना ही नहीं जब प्रदेश में टिडि्डयों ने हमला किया हुआ। टिडि्डयों ने फसलें चट कर दी। ऐसे में किसानों से बिजली बिलों की वसूली नहीं करने पर कनेक्शन काटने का निर्णय भी गलत है। राठौड़ ने अपने बयान में कहा कि राज्य में 90 फीसदी व्यवसाय, प्रतिष्ठान, दुकानें लॉकडाउन के कारण 55 दिनों से बंद पड़ी है।

इसके बाद भी अनुमानित बिल भेजकर उन्हें 31 मई तक जमा कराने का आदेश देना सरकार का तुगलकी फरमान है। उन्होंने कहा है कि भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंप कर तीन माह तक के सभी श्रेणी के बिजली-पानी के बिलों को माफ करने की मांग की थी, समय रहते इस पर सरकार को विचार करना चाहिए।
भाजपा सरकार ने दी थी किसानों को मुफ्त बिजली, कांग्रेस ने आते ही निर्णय बदला 
राठौड़ ने कहा कि आमजन को सस्ती और अच्छी बिजली उपलब्ध कराने का वादा करने वाली इस किसान विरोधी राज्य सरकार ने हमारी पिछली भाजपा सरकार की उस योजना को भी जनवरी 2020 से बंद कर दिया, जिसमें 10 हॉर्सपावर विद्युत कनेक्शन वाले किसानों को मुफ़्त बिजली दी जा रही थी। इतना ही नहीं फरवरी में राज्य सरकार ने आम उपभोक्ता व उद्योगों की विद्युत दर 11% से 15% तक बढ़ाई थी, जिसके तहत उद्योगों में फिक्स चार्ज 185 रुपए प्रति केवीए से बढ़ाकर 270 रुपए कर दिया।

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