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पंजाब सरकार को लिखा पत्र:पंजाब से आ रहे गंदे पानी ने बढ़ाई सरकार की चिंता, मुख्य सचिव ने पत्र लिखकर कहा- गंदा पानी रोकाे

बीकानेरएक महीने पहले
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हरिके बैराज से निकला था काला पानी। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
हरिके बैराज से निकला था काला पानी। (फाइल फोटो)

पंजाब से नहर में आ रहा गंदा पानी राजस्थान के लिए बड़ी समस्या बन गया है। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर इस पानी को रोकने का आग्रह किया है। पत्र में एनजीटी के उस फैसले का हवाला दिया है जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि गंदा पानी रोकना पंजाब की जिम्मेदारी है। हरिके बैराज से 5 दिन पहले नहर में पानी छोड़ा गया था।

काले रंग का पानी आने की सूचना पर जलदाय विभाग हरकत में आया और पानी की जांच करवाने के लिए टीम लगा दी। गंदा पानी रोकने के लिए जल संसाधन विभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल ने पंजाब के जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता को पत्र भी लिखा लेकिन पानी काे नहीं रोका जा सका। यह देखते हुए राज्य सरकार ने पंजाब सरकार को पत्र लिखा।

राजस्थान सरकार ने फिरोजपुर फीडर पर एक अधिशासी अभियंता को भी तैनात किया है जो गंदे पानी की निगरानी करेगा। राजस्थान के लिए राहत की बात यह है कि नहर विभाग की ओर से मना करने के बाद भी जलदाय विभाग ने गंदे पानी को शहर में आने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने का दावा किया है।

जलदाय विभाग ने मंगलवार को मसीतावाली हेड से लेकर बिरधवाल हेड तक की सारी नहरों में पीने का पानी लेना बंद कर दिया है। मसीतावाली से लेकर आगे की सभी नहरों में लगातार पानी की टेस्टिंग की जा रही है।

5 जून से कई बार गंदे पानी का वीडियो वायरल हुआ

5 जून को हरीके बैराज से इंदिरा गांधी नहर में रोज की अपेक्षा ज्यादा गंदा पानी आया। 6 जून को दैनिक भास्कर ने श्रीगंगानगर में इस मुद्दे को उठाया। 7 जून को बीकानेर दैनिक भास्कर ने हरिके बैराज से आ रहे गंदे पानी की फोटो सहित पूरा मुद्दा जनता के सामने रखा। 7 जून को ही मुख्य अभियंता ने मीडिया से गंदे पानी आने से इनकार किया लेकिन उसी दिन पंजाब के मुख्य अभियंता को गंदे पानी आने की शिकायत खुद हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता ने की।

बुधवार को भास्कर खुद इस बात को कह रहा है कि 5 से 8 जून के बीच आ रहे गंदे पानी की तुलना में 9 जून को काफी सुधार हुआ है क्योंकि राजस्थान सरकार की ओर से पंजाब को लिखे गए पत्र के बाद पंजाब के अभियंता हरकत में आए और गंदे पानी की सप्लाई कुछ हद तक कम हुई है। लेकिन पूरी तरह अभी भी बंद नहीं हुई क्योंकि जब तक लुधियाना और जालंधर की फैक्ट्रियों का पानी सतलुज नदी में जाने से नहीं रोका जाएगा तब तक राजस्थान को पंजाब का गंदा पानी पीना ही पड़ेगा।

पीएचईडी ने नहर से पानी लेना बंद किया, 7 दिन का पानी स्टोर
भले ही नहर विभाग गंदे पानी आने से मुकरता रहा हो लेकिन जलदाय विभाग अभी भी सतर्क है। बुधवार को कई नहरों से पीने का पानी देना बंद कर दिया है। बीकानेर के दोनों जलाशयों में करीब 3 से साढ़े 3 मीटर के बीच पानी है और 7 से 10 दिन तक लगातार जलापूर्ति हो सकती है। इसलिए जलदाय विभाग ने संदेह को देखते हुए नहर से पानी लेना बंद कर दिया है।

जब जांच के बाद विभाग पुख्ता हो जाएगा कि अब गंदा पानी नहीं आ रहा तब नहर से पानी लेना शुरू करेगा। विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय शर्मा का कहना है कि हमारी सैंपलिंग जारी है और जब हमें लगेगा कि अब नहर से गंदा पानी नहीं आ रहा तो हम नहर से पानी लेना शुरू कर देंगे।

हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल से बातचीत-

Q- आप 3 दिन पहले कह रहे थे कि पंजाब से गंदा पानी नहीं आ रहा फिर आपने पंजाब के मुख्य अभियंता को पत्र क्यों लिखा।
A - बीच में कुछ ज्यादा गंदा हो गया था। इसलिए मैंने पंजाब के मुख्य अभियंता को पत्र लिखा लेकिन अब काफी सुधार है।

Q- फिर आपने 2 दिन पहले मीडिया से यह क्यों कहा कि गंदा पानी नहीं आया।
A - 2018 की तुलना में इस बार इतना गंदा पानी नहीं था। नहर में बहते हुए भी गंदा पानी नहीं दिख रहा था और अरबों लीटर पानी में थोड़ी बहुत गंदगी उसमें मिक्स हो जाती है। जलदाय विभाग की टेस्टिंग में भी अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया।

Q- आपके लिहाज से जब गंदा पानी आया ही नहीं तो अब सुधार क्या हो रहा है।
A - थोड़ी सी गंदगी आई थी। उसी के लिए हमने पंजाब को पत्र लिखा था और अब पानी पूरी तरह ठीक है।

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