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मौसम का बदलता रुख:धरती से 7 किमी ऊपर हवा में डिस्टरबेंस, इसलिये आ रहे विक्षोभ

बीकानेर12 दिन पहले
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धूप से बचने के लिए तिरपाल तो तान लिया, कोरोना से बचने के लिए मास्क भी लगाइए । फोटो : सार्दुलसिंह सर्किल - Dainik Bhaskar
धूप से बचने के लिए तिरपाल तो तान लिया, कोरोना से बचने के लिए मास्क भी लगाइए । फोटो : सार्दुलसिंह सर्किल
  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण सामान्य तापमान भी पार नहीं हो रहा, 6 से 8 मई के बीच फिर आंधी-बारिश

धरती से 7 किलोमीटर ऊपर पश्चिमी हवाओं में लगातार डिस्टर्ब जारी है। इसी वजह से अप्रैल में चार और मई के पहले सप्ताह में ही लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ बन रहे हैं। एक का असर 2 दिन पहले खत्म हुआ है और दूसरा विक्षोभ 6 से 8 मई के बीच आने वाला है। यही वजह है कि मई में जब प्रचंड लू चलती थी लेकिन इस साल विक्षोभ के कारण तापमान सामान्य से भी 1 डिग्री कम है।

6 से 8 मई के बीच फिर से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस बनने वाला है। जिसकी वजह से बीकानेर समेत पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तेज आंधी, मेघ गर्जना के साथ बारिश होने की संभावना बन रही है। इस वजह से करीब 10 मई तक दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं होगा मई का यह वही समय है जब बीते सालों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था। इस साल वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण तापमान सामान्य को भी पार नहीं कर पा रहा है।

लोग इस बात से राहत पा रहे हैं कि मई आधी भी बिना लू के बीत जाए तो गर्मी कम झेलनी पड़ेगी। हालांकि मई के तीसरे सप्ताह में नौतपा शुरू होने वाला है जो करीब 15 दिन तक पश्चिमी राजस्थान को गर्मी से छका देगा। नौतपा में तापमान 47 से 49 डिग्री सेल्सियस के बीच जा सकता है। जानकारों का कहना है कि इस साल गर्मी 15 मई से 15 जुलाई तक पड़ने की संभावना है। क्योंकि नौतपा के बाद तब तक गर्मी शांत नहीं होगी जब तक कि मानसून या प्री मानसून की बारिश ना हो जाए।

इधर दिन में राहत : तापमान लगातार नियंत्रण में है। न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 1 डिग्री कम है। सोमवार को अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री रहा। जिसकी वजह से लोगों को राहत मिली। दिन में धूप खिली लेकिन हवा के कारण तपिश ज्यादा महसूस नहीं हुई।

सर्दियों में होते हैं ऐसे वेस्टर्न डिस्टरबेंस
अमूमन सर्दी के दिनों में लगातार वेस्टर्न डिस्टरबेंस होते हैं। जमीन से 5 से 7 किलोमीटर ऊपर लगातार चल रही पश्चिमी हवा में जब डिस्टर्ब होता है तो बादल और बारिश की संभावना होती है। सर्दियों में यह क्रम ज्यादा होता है। और उसी की वजह से मावठ होती रहती है। इस साल सर्दियों में यह क्रम कम बना लेकिन अप्रैल और मई में लगातार वेस्टर्न डिस्टरबेंस हो रहा है। जो अभी करीब 1 महीना तक और होने की संभावना है। क्योंकि मानसून सीजन में जो ऊपरी हवा पश्चिम की ओर बहती है उसका रुख बदलकर पूर्वी हो जाएगा। फिर अक्टूबर तक वेस्टर्न डिस्टरबेंस की आने की संभावना कम हो जाएगी।

अब आंधी से कम होगा नुकसान : अप्रैल में दो तेज अंधड़ के कारण किसानों को भारी तबाही झेलनी पड़ी थी क्योंकि तब खेतों में रवि की फसलें कटी हुई पड़ी थी। इस वजह से खेत से लेकर खलियान और मंडी तक किसान को अनाज का नुकसान झेलना पड़ा लेकिन अब ज्यादातर फसलें कट चुकी हैं और अब अगर आंधी आती है तो किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। फिर भी मंडी में व्यापारी और किसानों को अनाज संभाल कर रखना होगा।

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