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क्या आंकड़े छुपाने के लिए कम हो रही कोरोना जांच?:ग्रामीण क्षेत्रों में RT-PCR जांच के लिए मना कर रहे हैं डॉक्टर, पॉजिटिव रोगी के परिजनों का तापमान देख वापस भेज रहे

बीकानेर2 महीने पहले
मोमासर में जांच के लिए गुहार करते ग्रामीण।

बीकानेर में काेरोना रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद अब चिकित्सा विभाग ने पॉजिटिव कम करने का जबर्दस्त तरीका ढूंढ लिया है। वो तरीका है जांच नहीं करना। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति ग्रामीण क्षेत्रों में जमकर इस महामारी को फैला रहा है। चिकित्सा विभाग के अधिकारी दबी जुबान में स्वीकार भी कर रहे हैं कि उन्हें कम से कम जांच के आदेश है, ताकि पॉजिटिव का आंकड़ा बढ़े नहीं। मंगलवार सुबह श्रीडूंगरगढ़ के माेमासर में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां ग्रामीणों ने डॉक्टर के सामने जमकर हंगामा किया और खरी खोटी सुनाई।

दरअसल, मोमासर में पिछले कुछ दिन से पॉजिटिव रोगियों की संख्या बढ़ रही है। पहली लहर में तो चिकित्सक घर घर जाकर समझा रहे थे कि कोई पॉजिटिव आया है तो घर के सभी सदस्यों को अपनी जांच करवानी चाहिए। वहीं, इस बार जब जागरुक परिजन अस्पताल पहुंच रहे हैं तो जांच के लिए मना किया जा रहा है। मोमासर में एक पॉजिटिव रोगी ने स्वयं पहुंचकर बताया कि उनके घर के अन्य सदस्यों की जांच नहीं की जा रही है। चिकित्सक का कहना है कि जिनकाे बुखार ज्यादा है, उनकी ही जांच की जा रही है। शेष का सिर्फ तापमान देखकर वापस भेजा जा रहा है। जिन रोगियों में बुखार के अलावा कोरोना के सभी लक्षण है, उनकी भी जांच करने में आनाकानी की जा रही है।

23 पॉजिटिव, 20 की जांच

मोमासर में 23 नए पॉजिटिव केस आने के बाद महज बीस टेस्ट लिए गए हैं। जिला परिषद के पूर्व सदस्य सुभाष कमलिया ने बताया कि कहने को गांव में शिविर लगाया जा रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सिर्फ बुखार नापकर वापस भेजा हा रहा है। ऐसे में आम आदमी के स्वास्थ्य के प्रति चिकित्सा विभाग खिलवाड़ कर रहा है।

भाजपा नेता सक्रिय हुए

देहात भाजपा अध्यक्ष ताराचंद सारस्वत को इस घटना के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने CMHO से इस बारे में बात की। उन्हें गांव में सभी इच्छुक की कोरेाना जांच करवाने के लिए दबाव बनाया गया है। CMHO ने आश्वासन दिया कि सब की जांच करवाई जायेगी।

कंटेंट व फोटो : सत्येंद्र राजवंशी, माेमासर