पैरा एशियन यूथ गेम्स:खुशियों की दोहरी चमक; बीकानेर के विकास को डिस्कस थ्रो में देश का पहला गोल्ड, शॉटपुट में सिल्वर

बीकानेर6 महीने पहले
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विकास भाटीवाल। - Dainik Bhaskar
विकास भाटीवाल।

बीकानेर में पले बढ़े 17 साल के विकास भाटीवाल ने बहरीन में चल रहे पैरा एशियन यूथ गेम्स में इतिहास रच दिया है। उन्होंने डिस्कस थ्रो में अंडर 17 कैटेगरी में देश का पहला गोल्ड और शॉटपुट में सिल्वर मेडल जीतकर बीकानेर सहित देश का नाम पूरे एशिया में रोशन किया है। विकास इन दिनों पुणे में नीरज चौपड़ा आर्मी स्पोर्ट्स एकेडमी में प्रेक्टिस कर रहे हैं। उनका चयन खेलो इंडिया के तहत हुआ था।

इससे पहले उन्होंने हनुमानगढ़ व जयपुर में एथलेटिक्स का प्रशिक्षण लिया था। विकास के एकसाथ सोना व चांदी जितने की जानकारी मिलने पर उसके परिवार के सदस्यों में खुशी की लहर दौड़ गई। बहरीन से विकास ने भास्कर को बताया कि देश के लिए डिस्कस थ्रो में पहला गोल्ड जीतने की खुशी शब्दों में बया नहीं की जा सकती।

उन्होंने इसका श्रेय चौखूंटी निवासी अपने नाना सीताराम टाक व पॉलिटेक्निक कॉलेज के खेल अधिकारी डॉ. एसएल प्रजापत को दिया। विकास ने बताया कि उन्हें अपने जीवन में जन्म से आधा राइट हैंड ना होने की कमी कभी खली ही नहीं। वे 10वीं तक जवाहर नवोदय विद्यालय में आम बच्चों के साथ ही खेले। उनके साथ ही रहे। उनके चाचा ने उन्हें स्पोर्ट्स के लिए प्रेरित किया तो आज वे देश के लिए सोना जीत पाए हैं। विकास बहरीन से आठ दिसंबर को नई दिल्ली पहुंचेंगे।

पिता 108 एंबुलेंस के संविदा पर ड्राइवर
विकास का परिवार गजनेर रोड पर पुरानी एसटीसी स्कूल भवन के पीछे रहता है। उनके पिता सीताराम प्रजापत 108 एंबुलेंस में संविदा पर ड्राइवर के पद पर कार्यरत है। माता गृहिणी है। इनके गांव में खेती का भी काम है।

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