पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

खाद्य सुरक्षा याेजना:नाम जुड़वाने काे तरस रहे हैं पात्र, अब तक 7353 आवेदकाें में से 165 के नाम हुए तय

बीकानेर11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राज्य सरकार ने मई 2020 के बाद से प्रदेश में किसी भी व्यक्ति का नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में नहीं जाेड़ा है। - Dainik Bhaskar
राज्य सरकार ने मई 2020 के बाद से प्रदेश में किसी भी व्यक्ति का नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में नहीं जाेड़ा है।
  • सरकारी राशन लेने के हकदारों का राज्य सरकार नहीं जाेड़ रही योजना में नाम, 5274 आवेदन खारिज हुए

खाद्य सुरक्षा याेजना में नाम जुड़वाने के लिए बीकानेर के हजाराें पात्र लाेग तरस रहे हैं। वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने काेराेना के चलते लाकडाउन में प्रभावित जरूरतमंद परिवाराें काे दीपावली तक मुफ्त अनाज देने की घाेषणा कर रखी है। उधर, राज्य सरकार ने मई 2020 के बाद से प्रदेश में किसी भी व्यक्ति का नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में नहीं जाेड़ा है।

वर्तमान में याेजना में नाम जुड़ने के लिए 1022 फाइल एसडीएम और 6331 आवेदन ई-मित्र पर जांच के लिए विचाराधीन पड़े हैं। हालांकि सरकार ने अब मई 2020 से पहले आए आवेदन का निस्तारण करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद 817 आवेदनाें की जांच अब तक हुई है। इसमें 165 आवेदनकर्ताओं काे पात्र बताते हुए उनके नाम खाद्य सुरक्षा याेजना में जाेड़ दिया गया है।

शेष बचे आवेदन की जांच इसी महीने कंपलीट करने के लिए रसद विभाग के अधिकारियाें काे कहा गया है। गाैरतलब है कि वर्तमान में खाद्य सुरक्षा याेजना में चयनित 13 लाख 96 हजार चयनित व्यक्तियाें काे राशन दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री याेजना के तहत प्रति व्यक्ति/प्रति परिवार 35 किलाे गेहूं दिया जा रहा है, जाे नवंबर तक दिया जाना है। जिले के 860 राशन डीलर सरकार की याेजनाओं का यह अनाज बांटने का काम कर रहे हैं।

मई, 2020 तक आए आवेदनों पर चल रहा काम

बीकानेर एसडीएम के पास 334, छत्तरगढ़ में 8, खाजूवाला में 50, काेलायत में 214, लूणकरणसर में 63, नाेखा में 239, पूगल में 55, श्रीडूंगरगढ़ में 18, बज्जू एसडीएम के पास 12 प्रकरण अभी जांच में पेंडिंग है। ग्रामीण क्षेत्र में इनकी प्रकरणाें की जांच बीडीओ, शहरी क्षेत्र में नगरपालिका और नगर निगम करता है।

अभी तक जिले में कुल 26 हजार 236 आवेदन जमा हुए थे। इसमें से पहले चरण की जांच में 13 हजार 609 काे स्वीकृति दे दी है। 5274 प्रकरणाें का जांच में खारिज कर दिया है। 6331 प्रकरण ई-मित्र के पास पेंडिंग चल रहे हैं।

उधर जिला रसद अधिकारी यशवंत भाकर ने बताया कि नए नाम जाेड़ने के लिए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। मई 2020 तक आए आवेदनाें की जांच चल रही है। 31 जुलाई तक सभी प्रकरणाें की जांच कर रिपाेर्ट राज्य सरकार काे भिजवानी है ताकि पात्र व्यक्ति का नाम याेजना में जाेड़ा जा सके।

खबरें और भी हैं...