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मानसून के लिए दी यज्ञ में आहूतियां:श्रीडूंगरगढ़ में किसानों ने किया यज्ञ, अच्छी बारिश के लिए महिलाओं ने गीत गाये तो युवाओं ने गाये भजन

बीकानेर7 दिन पहले
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श्रीडूंगरगढ़ के जैतासर गांव मे यज्ञ में आहूति देते ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
श्रीडूंगरगढ़ के जैतासर गांव मे यज्ञ में आहूति देते ग्रामीण।

कहने को बीकानेर में मानसून की बारिश सामान्य से एक प्रतिशत ज्यादा हुई है लेकिन धरती की प्यास अभी बुझी नहीं है। बीकानेर के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से ही कम हुई है। ऐसे में किसान अब इंद्रदेव को मनाने में जुट गए हैं। श्रीडूंगरगढ़ में किसानों ने मानसून की वापसी के लिए बकायदा यज्ञ किया। "हरे कृष्णा-हरे रामा" का घंटों जाप किया है।

गांव की गलियों में ढोल नगाड़े बजाये गए ताकि इंद्रदेव सुन सकें।
गांव की गलियों में ढोल नगाड़े बजाये गए ताकि इंद्रदेव सुन सकें।

तहसील के जैतासर गांव में ढोल नगाड़ों के साथ इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां देते हुए हवन किया गया। गांव के लगभग हर घर से आए सदस्यों ने इस सामूहिक आयोजन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने बताया कि बीकानेर जिले में कई जगह बारिश हो चुकी है लेकिन श्रीडूंगरगढ़ के बारानी किसान आज भी आसमान की ओर ताक रहे हैं। ऐसे में बारिश का इंतजार है। कुछ स्थानों को छोड़ कर मानसून के बादल अभी तक क्षेत्र में जमकर बरसे ही नहीं है। हवन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। पारम्परिक गीतों के साथ महिलाओं ने इंद्रदेव के साथ ही सभी देवी देवताओं से बारिश के लिए प्रार्थना की।

वैसे ग्राउंड वाटर का बोलबाला है यहां

जिले में श्रीडूंगरगढ़ के किसान ही सबसे ज्यादा ग्राउंड वाटर का उपयोग करते हैं। ट्यूब वैल से धरती के नीचे बह रहे पानी को निकालकर खेती यहां सर्वाधिक होती है। यहां अधिकांश हिस्सा डार्क जोन में आ चुका है। ऐसे में बारानी क्षेत्र के किसानों को अधिक समस्या है। इन किसानों को न जमीन से पानी मिल रहा है और न आसमान से।

महिलाओं ने भी पारम्परिक गीतों के साथ इंद्रदेव से गुहार लगाई।
महिलाओं ने भी पारम्परिक गीतों के साथ इंद्रदेव से गुहार लगाई।

इनकी रही अहम भूमिका

इस दौरान जनप्रतिनिधि सहीराम नायक, केसरगर गुसाईं, डूंगरदास स्वामी, बद्रीप्रसाद शर्मा, बजरंगदास स्वामी, जगदीश प्रसाद प्रजापत, बीरबल शर्मा, श्रवण शर्मा, रामेश्वर खिलेेरी, गिरधारी शर्मा, बीरबलदास स्वामी, जेसाराम गोदारा, बनवारीदास स्वामी, तिलोकदास स्वामी, बिरबलगर गुसाईं, सुरजगर गुसाईं, सावरगर गुसाईं, मालगर गुसाईं, गोपाल गोदारा, मोहनदास स्वामी, जगदीश स्वामी उपस्थित रहें व सभी व्यवस्थाएं संभाली।

कंटेंट व फोटो : विशाल स्वामी, श्रीडूंगरगढ़

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