पटाखों से जख्मी 40 मरीज हॉस्पिटल पहुंचे:कमला कॉलोनी के टैंट हाउस की तीसरी मंजिल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, सामान जला

बीकानेरएक महीने पहले
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मरीजों को मरहम पट्टी करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। - Dainik Bhaskar
मरीजों को मरहम पट्टी करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

दीपावली के दिन शहर के करीब बीस स्थानों पर छिटपुट आगजनी की घटनाएं हुई। अच्छी बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। कमला कॉलोनी स्थित एक टेंट हाउस के गोदाम में पटाखे की चिंगारी से लगी आग के बाद गोदाम में रखा टेंट का सामना जल गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोटगेट पुलिस और बीछवाल तथा मुरलीधर फायर ब्रिगेड की गाडिय़ों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।

इसी प्रकार रोशनी घर चौराहे के पास एक तीसरी मंजिल मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। यहां घर का फर्नीचर आग की लपटों के कारण जलकर राख हो गया। असिस्टेंट फायर ऑफिसर रेंवत सिंह ने बताया कि आग पर काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा, लेकिन समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा आसपास के घरों को भी आग की लपटों से नुकसान हो सकता था।

जस्सूसर गेट क्षेत्र में भी दीपावली की रात करीब साढ़े तीन बजे एक रेडिमेड कपड़े की दुकान में आग लग गई। इससे उसमें रखे कपड़े जलकर राख हो गए। यहां मुरलीधर और बीछवाल की फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। सिंह ने बताया कि तीन घटनाओं को छोड़कर शेष घटनाएं छिटपुट थी, ऐसे में वहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।

आग पर काबू पाने के लिए बीछवाल स्थित फायर स्टेशन से फायर ऑफिसर जगवीर सिंह, चालक सतवीर सिंह, फायर मैन बाबूलाल यादव, योगेन्द्र कुमार तथा मुरलीधर फायर स्टेशन से फायर प्रभारी भूर सिंह बीका, फायर मैन सुभाष, दिनेश तथा जगदीश सैन सहित चालक गौरव रामावत का सहयोग रहा।

मरहम पट्टी के बाद घर भेजा:
आगजनी की घटना के साथ-साथ पीबीएम हॉस्पिटल में 40 से अधिक पटाखों से झुलसे मरीज भी पहुंचे। यहां पीबीएम हॉस्पिटल प्रशासन द्वारा पटाखों से झुलसकर पहुंचने वाले मरीजों के लिए स्पेशल यूनिट बना रखी थी। हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट परमेन्द्र सिरोही ने बताया कि हॉस्पिटल में गंभीर अवस्था में कोई मरीज नहीं पहुंचा।

यहां पहुंचने वाले मरीजों को मरहम पट्टी करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हॉस्पिटल में मारवाड़ जन सेवा समिति के तत्वावधान में भी मरीजों के लिए हेल्प डेस्क गठित की गई थी। समिति अध्यक्ष रमेश व्यास ने बताया कि 40 से अधिक मरीजों की पट्टी की गई। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मरीजों की उम्र 18 वर्ष से कम थी।

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