एजुकेशन:स्कूल खुलने के एक माह बाद भी नहीं हो रहे निशुल्क प्रवेश

बीकानेर10 दिन पहले
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  • स्कूल लेट खुलने से आरटीई टाइम फ्रेम का शेड्यूल बिगड़ा

कोरोना काल में स्कूल बंद होने से लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स प्राइवेट स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में चले गए तो शिक्षा विभाग ने शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूल में प्रवेश ही नहीं दिलाया। सेशन 2021-22 आधा बीत चुका है लेकिन आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हुई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार को प्रस्ताव तो भेज दिए लेकिन वहां से हरी झंडी नहीं मिल रही है।

हर साल राज्य के प्राइवेट स्कूल्स में आरटीई में 25 परसेंट सीटों पर निशुल्क एडमिशन दिया जाता है। पहली कक्षा में होने वाले ये एडमिशन आमतौर पर मई-जून में हो जाते हैं। लेकिन इस बार अक्टूबर का पहला सप्ताह बीतने तक भी प्रोसेस शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में आर्थिक रूप से पिछड़े गार्जन ने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही भर्ती करा दिया। स्कूल खुलने के बाद कुछ ने फीस देकर प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों का एडमिशन कराया है।

6 लाख स्टूडेंट्स के लिए 386 करोड़ का बजट जारी, ऑफलाइन पढ़ने वाले 2 लाख बच्चों की फीस का भुगतान नहीं
आरटीई के तहत राज्य के करीब 36 हजार प्राइवेट स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा में लगभग 8 लाख बच्चे निशुल्क पढ़ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने शिक्षा सत्र 2020- 21 सहित शिक्षा सत्र 2018-19 और 2019-20 की फीस के बकाया भुगतान के लिए 386 करोड रुपए का बजट जारी कर दिया है। उधर, प्राइवेट स्कूल संचालकों का कहना है कि यह बजट केवल 6 लाख स्टूडेंट्स के लिए ही जारी किया गया है। जबकि स्टूडेंट्स 8 लाख है।

महात्मा गांधी स्कूल का असर
दरअसल, शिक्षा विभाग ने इसी सत्र में करीब 348 नए महात्मा गांधी स्कूल शुरू किए हैं। इन स्कूल्स में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है। आम आदमी ने अपने बच्चों को यहां एडमिशन दिलाने में अच्छी खासी रुचि दिखाई। जो गार्जन प्राइवेट स्कूल में बच्चों को भेजना चाह रहे थे वो अब महात्मा गांधी स्कूल में भेजना चाह रहे हैं। पिछले दिनों महात्मा गांधी स्कूल्स में एडमिशन पूर्ण होने के बाद अब आरटीई एडमिशन के लिए प्रोसेस शुरू हो सकता है।

11 से प्रोसेस शुरू करने के भेजे प्रस्ताव
शिक्षा विभाग ने 11 अक्टूबर से ही एडमिशन प्रोसेस शुरू करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा था लेकिन अब तक कोई जवाब सरकार ने नहीं दिया है। अगर 11 अक्टूबर से भी ये प्रोसेस शुरू होता है तो करीब 15 दिन तक एडमिशन नहीं होंगे। इसके बाद दीपावली की छुटि्टयां हो जाएगी। ऐसे में आरटीई में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को दीपावली के बाद ही पढ़ाई के स्कूल मिलेगा।

कोरोना काल में ऑफलाइन पढ़ाए गए दो स्टूडेंट्स की फीस का भुगतान शिक्षा विभाग की ओर से नहीं किया गया है। वंचित स्टूडेंट की फीस के भुगतान और आरटीई प्रवेश प्रक्रिया जल्द शुरू करने के संबंध में शिक्षा निदेशक को अवगत कराया गया है।-कोडाराम भादू, प्रदेशाध्यक्ष, स्कूल एजुकेशन वेलफेयर एसोसिएशन

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