बुजुर्गों के बाजू पर जीत का तिलक:94 के गेवरचंद, 90 की सरोज, इतनी ही उम्र की भत्ती देवी का संदेश-सोचो मत..टीका लगवाओ

बीकानेर9 महीने पहले
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गेवरचंद - Dainik Bhaskar
गेवरचंद
  • बीकानेर में अब तक 52616 ने टीका लगवाया, इनमें से 30 हजार बुजुर्ग-बीमार
  • अभी इस श्रेणी के 2.50 लाख लोग वंचित

रत्ताणी व्यासों के चौक में रहने वाले 94 वर्ष के गेवरचंद जोशी ने कोविड की भयावहता को नजदीक से देखा। महसूस किया कि उस वक्त लोग टीके का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे लेकिन अब जब वैक्सीन आ गई तो लगवाने में हिचकिचा रहे हैं। ऐसे में खुद आगे आए। परिजनों से कहा-मैं टीका लगवाऊंगा। वैक्सीन लगवाकर लौटै तो आस-पास के दूसरे बुजुर्गों-बीमार व्यक्तियों की हिम्मत बढ़ी और वे टीका लगवाने पहुंचने लगे।

90 वर्ष की सरोजदेवी जब टीका लगवाने हॉस्पिटल पहुंची तो पूरे स्टाफ ने उनके साथ सेल्फी ली। इस फोटो को वायरल किया। मैसेज किया-सरोजदेवी जानती हैं कि टीका बहुत जरूरी है। आप क्या मानते हैं?

90 की ही भत्तीदेवी भले ही वैक्सीन का नाम अच्छी तरह न जानती हों लेकिन यह जानती हैं कि बीते एक साल उन्होंने खुद से बहुत छोटी उम्र के लोगों को भी कोविड के कारण मरते देखा है। उन्हें दुख है कि अब लोग समझ नहीं रहे कि टीका लगवाकर हम इस बीमारी से बच सकते हैं। इसलिए खुद ने लगवाकर दूसरों को प्रेरित किया।

ये उदाहरण है उन बुजुर्ग और बीमार व्यक्तियों के लिए जो अब भी कोविड का टीका लगवाने से हिचकिचा रहे हैं। हिचकिचाहट या टीके के प्रति अनदेखी का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि बीकानेर में लगभग तीन लाख लोगों की उम्र 60 वर्ष से ज्यादा है।

अब तक बुजुर्ग-बीमार श्रेणी में लगभग 30 हजार ने टीका लगवाया है। हालांकि यह आंकड़ा देखने-सुनने में अच्छा लगता है लेकिन वास्तविकता यह है कि बीकानेर में 60 से अधिक उम्र वाले लोगों की संख्या लगभग तीन लाख है। ऐसे में अब तक महज 10 फीसदी बुजुर्ग ही टीका लगवा पाए हैं। प्रशासन की योजना है कि 20 दिनों में सभी बुजुर्ग-बीमारों को टीका लगा दिए जाए तो ये बीमारी से सुरक्षित हो जाएं। ऐसे में हर्ड इम्युनिटी बढ़ेगी और यदि कोविड का प्रकोप फिर से हो तब भी संक्रमण की चेन लंबी नहीं हो पाएगी।

खुद बचने के साथ ही दूसरों को बचाने के लिए टीका जरूरी: डॉ.गुप्ता
आरसीएचओ डाॅ.राजेशकुमार गुप्ता कहते हैं, जिलेभर में प्रत्येक सीएचसी, शहर की हर डिस्पेंसरी, पीबीएम, जिला हॉस्पिटल सहित लगभग सभी केन्द्रों पर टीके लगाने का इंतजाम किया। इसका मकसद यह है कि लोग अपने नजदीक के केन्द्र पर पहुंचकर वैक्सीनेशन करवा ले। टीका लगवाना हमारी नैतिक जिम्मेवारी भी है। वजह, इससे जहां खुद बचेंगे वहीं संक्रमण दूसरों में फैलने से रुकेगा तो दूसरे लोग भी बचेंगे।

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