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प्रेमी के लिए करा दी पति की हत्या:अवैध संबंधों में रोड़ा बन रहे पति को प्रेमी ने गाड़ी से कुचलकर मारा ताकि हत्या हादसा लगे; पत्नी की करतूतों से खुल गई पोल

बीकानेर8 दिन पहले
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रुघवीर सिंह को मारने के लिए संजू कंवर के प्रेमी गणेश सिंह ने भवानी सिंह, लाल सिंह, काननाथ का सहयोग लिया था। - Dainik Bhaskar
रुघवीर सिंह को मारने के लिए संजू कंवर के प्रेमी गणेश सिंह ने भवानी सिंह, लाल सिंह, काननाथ का सहयोग लिया था।

अवैध संबंधों के चलते एक महिला ने अपने पति की हत्या करवा दी। चार युवकों के साथ मिलकर पति को इस तरह मारा गया कि सारा घटनाक्रम सड़क दुर्घटना लगे। लेकिन पुलिस ने महज दो दिन की छानबीन के बाद न सिर्फ घटना का खुलासा कर दिया बल्कि पत्नी समेत 5 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया।

दरअसल, लखासर निवासी रुघवीर सिंह की पत्नी संजू कंवर का अवैध संबंध झंझेऊं गांव के गणेश सिंह के साथ था। दोनों का मिलना विवाह के बाद भी हो रहा था। ऐसे में गणेश और संजू ने मुलाकातों में बाधा बन रहे पति रुघवीर सिंह को रास्ते से हटाने का फैसला किया। रुघवीर सिंह को मारने के लिए गणेश सिंह ने भवानी सिंह, लाल सिंह, काननाथ का सहयोग लिया। इन सभी ने मिलकर हत्या का प्लान बनाया।

मृतक रुघवीर सिंह की लाश सड़क किनारे मिली थी।
मृतक रुघवीर सिंह की लाश सड़क किनारे मिली थी।

भवानी सिंह ने रुघवीर को 7 जून को फोन करके लखासर बस स्टैंड पर बुलाया। यहां से मोटर साइकिल पर होटल देशी ठाठ तक गए। यहां उसने रुघनाथ को जमकर खाना खिलाया और शराब भी पिलाई। इसके बाद लाल सिंह को फोन कर दिया। वह अपने साथ कान नाथ को लेकर आया। इनके पास एक पिकअप गाड़ी थी। भवानी और गणेश तय योजना के तहत रुघवीर को लेकर नेशनल हाइवे पर ले गए। वहां गाड़ी से टक्कर मारकर रुघनाथ सिंह की हत्या कर दी। इसके बाद मामले को सड़क हादसा बताने का प्रयास किया।

पुलिस की पैनी नजर

इस मामले में पुलिस ने काफी पैनी नजर रखी। दरअसल, जहां शव मिला वो जगह सड़क से इतनी दूर थी कि शव उछल कर नहीं जा सकता था। ऐसे में इसे शुरू से ही हत्या का मामला मानते हुए छानबीन शुरू की। रुघवीर की पत्नी संजू कंवर के बारे में पता लगाया तो उसके अवैध संबंधों के बारे में भी जानकारी मिल गई। इसके बाद गणेश सिंह की छानबीन की गई। यहीं से सारा मामला खुल गया।

साइबर सेल की भूमिका

इस मामले में साइबर सेल ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन बदमाशों के मोबाइल नंबर की लोकेशन से यह पता लगाया गया कि वे किस वक्त कहां थे। जिसे दुर्घटना स्थल बताया जा रहा था, वहीं पर इनकी लोकेशन भी आ रही थी। साइबर सेल के दीपक यादव और दिलीप के साथ ही उप निरीक्षक मनोज कुमार, कांस्टेबल सुभाष, भीवाराम, प्यारेलाल, विनोद कुमार, संदीप, अशेाक, विक्रांत, सुरेंद्र, विजय, गुलाम, सहीराम और राम निवास की इस केस को हल करने में मुख्य भूमिका रही।

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