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एसआई पेपर लीक:पेपर सॉल्व करने सरकारी स्कूल के टीचर को भी गैंग में शामिल किया था

बीकानेर4 दिन पहले
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राजाराम बिश्नोई कोचिंग संचालक, दिनेशसिंह चौहान प्रिंसिपल । - Dainik Bhaskar
राजाराम बिश्नोई कोचिंग संचालक, दिनेशसिंह चौहान प्रिंसिपल ।
  • प्रिंसिपल ने दोनों पारी के पेपर भेजे थे पाली, दूसरा पुलिस को मिला
  • नकल करते पकड़ा गया युवक बीकानेर के एक बड़े ठेकेदार का बेटा

एसआई परीक्षा में नकल करवाने के लिए प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल ने दोनों पारी के पेपर की फोटो खींची। पहली पारी का पेपर पाली में परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी तक पहुंच गया, जबकि दूसरी पारी का पेपर जिस शख्स को भेजा, वह पुलिस के कब्जे में था।

तीन दिन के छह पेपर आउट करने की 15 लाख रुपए में हुई डील होने पर रामपुरा बस्ती की गली 18 स्थित रामसहाय आदर्श सैकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल व सचिव दिनेशसिंह चौहान ने दोनों पारी के पेपर की अतिरिक्त वीक्षक राजाराम बिश्नोई के मोबाइल से फोटो खींची थी। राजाराम ने दोनों पेपर नकल गिरोह के लोगों को भेज दिए थे।

इनमें से पहला पेपर बज्जू में मोडायत मानकासर निवासी विकास बिश्नोई के पास पहुंचा जिसने पाली में नरेन्द्र को भेज दिया और उसने वहां परीक्षा दे रहे राजेश को नकल करवाई। प्रिंसिपल ने तीन बजे दूसरी पारी के पेपर की भी फोटो खींची जो राजाराम ने फिर से विकास को भेजी, लेकिन तब तक पुलिस ने विकास को हिरासत में ले लिया था और उसके लैपटॉप पर चल रहे वाट्सएप से दूसरा पेपर बरामद कर लिया।

पुलिस ने बीकानेर में गिरोह के 10 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें से प्रिंसिपल और बीकानेर के मैट्रिक्स कोचिंग संस्थान के संचालक और अतिरिक्त वीक्षक राजाराम के अलावा अन्य आठ मुरलीधर व्यास कॉलोनी और तिलक नगर में बैठकर पेपर साॅल्व कर रहे थे।

एमडीवी से बज्जू के स्कूल में सरकारी टीचर राजाराम बिश्नोई, दिनेश बेनीवाल, मानकासर निवासी सुरेश बिश्नोई, मिठड़िया निवासी विकास बिश्नोई व दो नाबालिग और तिलक नगर से मोडायत मानकासर निवासी विकास बिश्नोई को पकड़ा था। नयाशहर पुलिस थाने के एसएचओ गोविन्दसिंह चारण ने बताया कि मंगलवार को आठ अभियुक्तों को कोर्ट में पेश कर दो बाल अपचारी को किशोर गृह भेजा गया है।

स्कूल प्रिंसिपल और कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालक एक-दूसरे के पास एडमिशन के लिए भेजते थे स्टूडेंट; अभ्यर्थियों ने राजाराम के जरिए नकल का रास्ता खोजा

ऐसे पेपर तक पहुंचे दोनों शातिर: देरी से आने वाले स्टूडेंट के पेपर का लिफाफा खोलकर खींची फोटो
एसआई भर्ती में नकल करवाने के लिए पेपर की फोटो खींचना आसान नहीं था। पेपर लिफाफे में होता है और स्टूडेंट ही उसे निकालता है। प्रिंसिपल दिनेश और कोचिंग संस्थान संचालक व अतिरिक्त वीक्षक राजाराम ने सेंटर पर देरी से आने वाले स्टूडेंट के पेपर का लिफाफा खोलकर फोटो खींचने की प्लानिंग की और ऐसा ही किया। पहली पारी में दोनों ने मिलकर एक पेपर का लिफाफा खोलकर पेपर की फोटो खींच ली। बाद में देरी से आए स्टूडेंट को वह पेपर थमा दिया। दूसरी पारी में भी ऐसा ही किया।

कोचिंग संस्थान राजाराम और प्रिंसिपल दिनेश स्टूडेंट का दाखिला एक-दूसरे के यहां करवाते थे। इसलिए दोनों में घनिष्ठता थी। अभियुक्त राजेश बेनीवाल और नरेन्द्र खीचड़ एसआई की परीक्षा दे रहे थे और दोनों पर थानेदार बनने का जुनून था। इसके लिए नरेन्द्र ने प्रिंसिपल दिनेश से पेपर उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क किया, लेकिन बात नहीं बनी।

नरेन्द्र ने राजाराम से मिलकर उसे प्रिंसिपल के पास भेजा और 15 लाख रुपए में डील तय हो गई। प्रिंसिपल राजाराम में डेढ़ लाख रुपए मांगता था। डील पूरी होने पर राजाराम को वो रुपए माफ करना तय हो गया। राजाराम 12 सितंबर की रात को प्रिंसिपल के घर पहुंचा और तीन लाख रुपए एडवांस दे दिए। सात लाख रुपए मंगलवार को देने थे।

राजेश के घर छापे में पुलिस पहले चकमा खा गई, एक महिला ने सुराग दिया ताे पूरा गिरोह पकड़ा
बीकानेर के नया शहर थाना प्रभारी गाेविंदसिंह चारण ने बताया कि पाली में राजेश व नरेंद्र के गिरफ्तार हाेने के बाद सूचना मिली थी कि राजेश के घर पर ही नकल कराने वाला गिराेह बैठा है। वहां से ही अांसर-की बनाकर नरेंद्र के माेबाइल पर शेयर की जा रही है।

इस सूचना के बाद पुलिस मुरलीधर व्यास कॉलोनी मंे राजेश के घर पहुंची ताे वहां काेई नहीं मिला। पुलिस वापस लाैटने की तैयारी में ही थी कि एक महिला ने कुछ लाेगाें के एक अन्य मकान में बैठे हाेने की सूचना दी। पुलिस दूसरे घर पहुंची ताे नकल गिराेह के सभी सदस्य वहां मिल गए।

नकल गिरोह ने पाली में अभ्यर्थी राजेश के अलावा और किन-किन स्टूडेंट को पेपर उपलब्ध करवाया है, इसका पता लगाया जा रहा है। उधर, आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एएसपी शैलेन्द्रसिंह इन्दोलिया, सीओ सिटी सुभाष शर्मा, सीओ एससी एसटी ओमप्रकाश, नयाशहर एसएचओ गोविन्दसिंह चारण, डीएसटी प्रभारी सुभाष बिजारणिया, एसआई चन्द्रजीतसिंह भाटी, एएसआई रामकरण, एचसी अब्दुल सत्तार, कानदान सांधू, साइबर सैल के दीपक यादव, रामचन्द्र और कांस्टेबल वासुदेव, सवाईसिंह, बलवीर, रमेश, पूनमचंद शामिल रहे।\

साॅल्वर दो अलग-अलग ठिकानों पर बैठाए गए
पेपर साल्व करने के लिए एमडीवी में छह और तिलक नगर में दो लोगों सहित आठ लोग बैठे थे। दो ग्रुप में बैठे इन लोगों के पास उत्तर पता लगाने के लिए बुक्स व अन्य सभी तरह की सामग्री उपलब्ध थी। प्रथम पारी का पेपर मिलते ही दोनों ही ग्रुप के लोगों ने उत्तर तैयार किए और उसके बाद उनको क्रास चेक भी किया।

संतुष्ट होने पर उत्तर तालिका पाली में नरेन्द्र को भेजी जिसने मोबाइल के जरिये परीक्षा दे रहे राजेश को नकल करवाई। उत्तर तैयार करने में हिन्दी विशेषज्ञ नरेशदान और सरकारी टीचर राजाराम बिश्नोई की मुख्य भूमिका रही।

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