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पुलिस महकमा:हरियाणा-पंजाब-राजस्थान के अपराधियाें में गठजोड़ है ताे पुलिस भी टीम वर्क से काम करे: आईजी

बीकानेरएक महीने पहले
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  • बीकानेर रेंज के नए आईजी प्रफुल्ल कुमार ने ज्वाइन किया, अधिकारियाें से मिलकर फीडबैक लिया
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बीकानेर रेंज के नए आईजी प्रफुल्ल कुमार का कहना है कि हरियाणा-पंजाब के अपराधियाें का राजस्थान के अपराधियाें से गठबंधन है ताे पुलिस काे भी आपस में ऐसा ही करना हाेगा, जिससे कि उन्हें वारदात करने से राेका जा सके, पकड़ा जा सके। मूल रूप से पटना के रहने वाले वर्ष, 01 बैच के आईपीएस प्रफुल्ल कुमार दिसंबर, 02 में ट्रेनिंग के बाद जनवरी, 03 में प्रशिक्षण के लिए अलवर गए। बाद में 19 सितंबर, 04 से 27 जून, 05 तक जाेधपुर शहर में सीओ द्वितीय रहे।

उन्हाेंने जालाेर, जाेधपुर पीटीएस, जयपुर ग्रामीण, सिटी, काेटा सिटी, कराैली, धौलपुर, विजिलेंस, एटीएस, एसीबी, उदयपुर रेंज आईजी, जयपुर आयुक्तालय में अतिरिक्त आयुक्त और जाेधपुर कमिश्नरेट में सेवाएं दी। जाेधपुर कमिश्नरेट से ट्रांसफर हाेकर बीकानेर रेंज के आईजी बनकर आए और गुरुवार काे ज्वाइन किया। एसपी प्रहलादसिंह कृष्णिया सहित अन्य पुलिस अधिकारियाें से मिलकर फीडबैक लिया। आईजी ने ज्वाइनिंग के बाद ‘भास्कर’ से बातचीत की। पेश हैं प्रमुख अंश-
Q. रेंज के बड़े अपराधाें में हरियाणा-पंजाब के अपराधियाें का हाथ हाेता है। उनका यहां के अपराधियाें से गठबंधन भी है। कैसे राकेंगे?
A. जिस तरह से अपराधी एक-दूसरे से गठबंधन करते हैं, एक-दूसरे के साथ मिलकर अपराध काे अंजाम देते हैं, पुलिस काे उसी तरह आपस में समन्वय रखना हाेगा, एसएचओ काे अनाैपचारिक संबंध बनाने हाेंगे। राजस्थान, हरियाणा-पंजाब की पुलिस काे मिलकर और एक-दूसरे की पूरी मदद कर अपराधियाें पर नकेल कसनी हाेगी। प्राेफेशनल हाेकर काम करेंगे।
Q. रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर जिले पाक बाॅर्डर से लगते हैं। यहां आईएसआई एक्टिव रही है और उसके जासूस मिलते रहे हैं। तारबंदी के बावजूद तस्करी भी हाेती है। यह इंटरनेशनल क्राइम कैसे राेकेंगे?
A. बाॅर्डर एरिया के लिए मल्टी एजेंसी टाॅस्क हाेता है। सभी एजेंसियां अपने-अपने हिसाब से काम करती हैं, लेकिन उनका गाेल एक ही हाेता है। पुलिस उन सभी से समन्वय बनाकर काम करेगी। बाॅर्डर एरिया में पूरी चाैकसी बरतेंगे।
Q. एक ही महकमा हाेने के बावजूद इंटेलिजेंस और पुलिस में तालमेल कम दिखता है। पीएचक्यू के आदेश के बावजूद जेडओ काे जिले की क्राइम मीटिंग में नहीं बुलाया जाता, क्याें?
A. पीएचक्यू के आदेशाें का पालन हाेना चाहिए। पुलिस-इंटेलिजेंस काे एक-दूसरे का सहयाेग करना चाहिए। इंटेलिजेंस से मिली सूचना पर पुलिस एक्शन भी लेती है। इसे और बेहतर बनाएंगे।
Q. जिलाें में डीएसबी ब्रांच का काम केवल धरने-प्रदर्शन की सूचना, ज्ञापन दिलाने तक ही सीमित रह गया है। इस ब्रांच की सूचना पर काेई बड़ी कार्यवाही देखने में ही नहीं आती। सुधार हाेगा?
A. डीएसबी काे इन कार्याें के अलावा मूल ड्यूटी पर ध्यान देना चाहिए। यह एसपी पर निर्भर करता है कि वह डीएसबी और डीएसटी से किस तरह काम लेते हैं। हम प्रयास करेंगे कि दाेनाें का काम उल्लेखनीय हाे। इसके अलावा गांवाें में पटवारी, ग्रामसेवक, तहसीलदार से भी लगातार संपर्क में रहकर जानकारियां जुटाएंगे।

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