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पीबीएम में फिर 9 रोगी मिले:रोग नहीं आंकड़े घटाने में जुटा स्वास्थ्य विभाग; निजी अस्पतालों के रैपिड टेस्ट को अधिकृत ही नहीं मानता

बीकानेर2 महीने पहले
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प्राइवेट हॉस्पिटल में डेंगू मरीजों की पुष्टि के बावजूद हेल्थ ऑफिस संबंधित मरीजों तक पहुंच ही नहीं पाता। - Dainik Bhaskar
प्राइवेट हॉस्पिटल में डेंगू मरीजों की पुष्टि के बावजूद हेल्थ ऑफिस संबंधित मरीजों तक पहुंच ही नहीं पाता।

शहर में मच्छर जनित डेंगू से बीमार होने वालों की संख्या दिनों-दिन बढ़ रही है। बुधवार को नौ नए डेंगू पॉजिटिव मरीजों की पुष्टि हुई है। इसे मिलाकर अब कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 145 हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बावजूद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट होने की बजाय आंकड़ों को कम करने में जुटे हैं। असल में डेंगू के सामने आ रहे मरीज केवल पीबीएम और जिला हॉस्पिटल के हैं।

इसमें प्राइवेट हॉस्पिटल के आंकड़े रिकॉर्ड में शामिल ही नहीं किए जा रहे। इसके पीछे हेल्थ ऑफिस तर्क दे रहा है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में होने वाली डेंगू की रैपिड टेस्ट अधिकृत नहीं है। हेल्थ ऑफिस सरकारी हॉस्पिटल में की जाने वाली एलाइजा टेस्ट को ही अधिकृत मानती है। ऐसे में निजी और सरकारी हॉस्पिटल के फेर में डेंगू को लेकर बरती जाने वाली सावधानी भी सरकारी आंकड़ों को ध्यान में रखकर की जा रही है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में डेंगू मरीजों की पुष्टि के बावजूद हेल्थ ऑफिस संबंधित मरीजों तक पहुंच ही नहीं पाता। सीएमएचओ डॉ. ओपी चाहर के अनुसार प्राइवेट हॉस्पिटल में होने वाली रैपिड जांच को अधिकृत नहीं माना गया है। ऐसे में प्राइवेट हॉस्पिटल में डेंगू मरीजों की पहचान होने पर रिकॉर्ड तो मंगवाया जाता है, लेकिन उन्हें डेंगू के कुल मरीजों में शामिल नहीं किया जाता।

सरकारी हॉस्पिटल में फ्री जांच

सरकारी हॉस्पिटल में डेंगू की एलाइजा टेस्ट फ्री है। जबकि प्राइवेट हॉस्पिटल या निजी लैब में रैपिड टेस्ट के आठ सौ से एक हजार रुपए लिए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोग निजी में जांच ज्यादा करा रहे।

इधर, सीएमएचओ की टीम ने शहर में एंटी लार्वा एक्विटी की

डेंगू के बढ़ते दायरे के बाद बुधवार को सीएमएचओ की टीम ने शहर के विभिन्न एरिया में दौरा कर वहां मच्छर रोधी उपाय किए जा रहे हैं। डिप्टी सीएमएचओ लोकेश गुप्ता ने बताया कि बुधवार को सादुल गंज तथा सर्वोदय बस्ती में डेंगू प्रभावित मरीज मिलने के बाद एंंटी लारवा और एंटी मॉस्किटो उपाय के बारे में लोगों को बताया गया। उन्होंने बताया कि डेंगू बीमारी से जुड़े लक्षण मिलने के तुरंत बाद चिकित्सक की सलाह लें। अपने आसपास मच्छरों को किसी भी सूरत में पनपने नहीं दें।

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