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  • Higher Education Minister, See The Bad Road In Your Area, Could Not Improve After CM's Announcement, People Are Staging A Sit in For 490 Days

भास्कर पड़ताल:उच्च शिक्षा मंत्रीजी देखिए आपके क्षेत्र की बदहाल सड़क, सीएम की घोषणा के बाद नहीं सुधर पाई, 490 दिन से लोग धरना दे रहे

बीकानेर/बज्जू13 दिन पहले
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राज्य सरकार द्वारा टेंडर प्रक्रिया होने के बावजूद भी सांखला फांटा से बज्जू- गौडू तक क्षतिग्रस्त सड़क के नवनिर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में रोष है। इस सड़क के लिए राज्य सरकार ने 20 करोड़ का बजट जारी करके कार्य शुरू करने के लिए निजी कंपनी को वर्कऑर्डर भी दे दिया उसके बाद कार्य शुरू होने का इंतजार इस क्षेत्र की सड़क से त्रस्त आमजन को।

पिछले दो दशकों से पूर्णतया टूट चुकी सड़क जिसके नवनिर्माण को लेकर सड़क संघर्ष समिति के तत्वावधान में उपखंड कार्यालय बज्जू के आगे 490 दिनों से सत्याग्रह के रूप में धरना चल रहा। रविवार को धरना स्थल पर धरनार्थियों ने प्रदर्शन कर सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने पर रोष जताया।

कोरोना के चलते धरना स्थल पर पूर्णतया गाइडलाइन की पालना के साथ मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अपने संकल्प ‘जब तक सड़क नहीं तब तक धरना’ को लेकर 16 माह से डटे हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा बजट जारी करने के बाद 1 मार्च, 2021 को निजी कंपनी को टेंडर भी दे दिया। लेकिन कार्य तीन माह बाद अभी भी तक शुरू नहीं हुआ। सड़क इतनी क्षतिग्रस्त है कई बार चलती बस के पहिये भी निकल गए, लेकिन स्पीड कम होने पर बड़ा हादसा होते-होते बच गया गया था।

अप्रैल में सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था कलेक्टर व पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने, जून में भी वही हाल
सड़क संघर्ष समिति के संयोजक सेवानिवृत्त एडिशनल एसपी जीवनराम गोदारा ने बताया कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या जिसको लेकर वर्तमान राज्य सरकार ने बजट भी जारी कर दिया व प्रशासन द्वारा इस सड़क नवनिर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण हो गई। उसके बाद भी सड़क कार्य शुरू नहीं करवाकर इस क्षेत्र की जनता के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रही है।

मार्च माह में जिला कलेक्टर और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बज्जू आए थे। सड़क निर्माण कार्य अप्रैल के प्रथम सप्ताह में शुरू करवाने का आश्वासन दिया था। लेकिन उसका भी कोई नतीजा नहीं आया। सड़क संघर्ष समिति ने पहले दिन से ही संकल्प लिया था कि जब तक नवनिर्माण कार्य शुरू नहीं हो जाता, तब तक हम धरने पर डटे रहेंगे।

परेशान वाहन चालकों ने दूसरा रास्ता बनाया :पूर्णतया क्षतिग्रस्त इस सड़क के तो हालात इतने खराब हो गए कि इस सड़क पर चलने वाले वाहनों ने इस टूटी हुई सड़क के पास से अलग कच्चा रास्ता बना लिया। इस सड़क बजाय उस राह पर चलना पसंद करते हैं।

धरना जारी : सड़क संघर्ष समिति के सुनील गोदारा ने बताया कि सड़क संघर्ष को लेकर रविवार को समिति के सयोंजक रिटायर्ड एडीशनल एसपी जीवनराम गोदारा के नेतृत्व में धरने पर बैठने वालों में लालूराम खिलेरी, मोहनराम डारा, भंवरलाल जंवर, जेठाराम राइका, सुनील धायल, देवीलाल राइका सहित संघर्ष समिति के लोग धरने पर बैठे।

इस सड़क का नाम भी कई बार बदला
इस सड़क का कई बार नाम बदला और घोषणा भी हुई लेकिन काम एक बार भी शुरू नहीं हो पाया। इस सड़क का सबसे पहले एमडीआर 37 था। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस सड़क सड़क को स्टेट हाइवे में शामिल किया। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी व केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल करने की भी बात कही थी।

पिछले विधानसभा चुनाव से पहले बज्जू हुए किसान सम्मेलन में वर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस सड़क को बनवाने का वादा किया था। इसके बाद उच्च शिक्षा मंत्री व क्षेत्रीय विधायक भंवरसिंह भाटी ने इस सड़क के लिए बजट स्वीकृत करवाया लेकिन कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ।

बॉर्डर के गांवों को जोड़ती है यह सड़क
सांखला फांटा से निकलने वाली यह सड़क सीमावर्ती गांवों के लिए महत्वर्पूण है। इस सड़क का उपयोग बॉर्डर पर जाने के साथ-साथ बज्जू और कोलायत के गांवों को जोड़ती है। यह सड़क बज्जू क्षेत्र के 200 गांवों और चकों को जोड़ती है। सेना के लिए भी यह सड़क प्रमुख है तो बॉर्डर तक जाती है। दुर्घटना में घायलों या प्रसूताओं के लिए यह क्षतिग्रस्त सड़क दर्दनाक बन जाती है।

बढ़ते कोविड संक्रमण के चलते कार्य शुरू नहीं हुआ। अब कोविड की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है तो आगामी सप्ताह तक कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। ठेकेदार को अवगत करवा दिया है कि कार्य जल्द शुरू हो इससे पहले ठेकेदार के सामने मजदूरों की समस्या भी कोविड के चलते बनी हुई थी।-संजय चौधरी, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग, बीकानेर

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