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वेटरनरी पीएचडी छात्रा की शिकायत:मैं कैंपस में असुरक्षित हूं, इसलिए पीएचडी छाेड़ना चाहती हूं, कुलपति ने समझाया तब मानी, वेटेरनरी विवि के बॉयोटेक्नालॉजी विभाग से जुड़ा मामला

बीकानेर16 दिन पहले
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  • छात्रा ने एचओडी से की बात, मामला सुलझा पर कार्रवाई किसी पर नहीं

वेटरनरी यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी छात्रा की शिकायत ने हड़कंप मचा दिया। एक महीने पहले छात्रा ने कुलपति को भेजी शिकायत में कहा उसे विभाग के कर्मचारी मानसिक प्रताड़ित कर रहे हैं। वो भी विभागाध्यक्ष के सामने, पर वो मेरी प्रताड़ना को नजरअंदाज करते रहे। विभागाध्यक्ष की बिना मर्जी के कर्मचारी ऐसा नहीं कर सकते। मैं अब कैंपस में असुरक्षित महसूस करती हूं। मेरी पीएचडी का काम पूरा हो गया फिर भी मेरी पीएचडी पूरी नहीं कराई जा रही। इसलिए आगे की पीएचडी डिग्री कोर्स छोड़ रही हूं। भविष्य में कोई अनहोनी हो इससे पहले कैंपस छोड़ना चाहती हूं।

कुलपति के पास जैसे ही पत्र पहुंचा तो हड़कंप मच गया। कुलपति प्रो. सतीश गर्ग ने आरोप लगाने वाली छात्रा काे बुलाया। उससे पूरा मामला समझा। उसे आश्वस्त किया कि उसकी पीएचडी में कोई बाधा नहीं आएगी ना कोई प्रताड़ना होगी। उसके बाद विभागाध्यक्ष डाॅ. बीएन श्रृंगी से जवाब-तलबी की।

कुलपति ने छात्रा को पहले डीन से संपर्क करने को कहा। डीन ने छात्रा को अपनी थीसिस सम्मिट करने को बोला। फिर पूरे मामले पर कुलपति प्रो. गर्ग ने नजर रखी। छात्रा ने कहा कि वो आर्थिक रूप से कमजोर है बावजूद इसके उसका स्टाइपेंड भी रोका गया। ये काम भी जानबूझकर किया गया। वेटरनरी यूनिवर्सिटी में ऐसा पहला मामला सामने आने से पूरे कैंपस में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला बॉयोटेक्नालॉजी विभाग से जुड़ा है। बॉयोटेक्नोलॉजी विभाग का अलग भवन है। हैरान करने वाली बात ये है कि मामले पर ना तो काेई जांच कमेटी गठित हुई और ना ही किसी कार्मिक के खिलाफ कोई कार्रवाई।

मामला वुमन सेल में नहीं गया

प्रत्येक शैक्षणिक और सरकारी संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से वुमन सेल बनी हुई हैं। वेटरनरी यूनिवर्सिटी में भी डॉ. उर्मिला पन्नू की अध्यक्षता में ये कमेटी काम कर रही है लेकिन उनके पास ये मामला नहीं पहुंचा। यूनिवर्सिटी के लोगों का कहना है कि मामला इस कमेटी में जाना चाहिए था लेकिन कमेटी की अध्यक्ष डॉ. पन्नू का कहना है कि वुमन सेल में सैक्सुअल हरेसमेंट से जुड़े मामले आते हैं। चूंकि छात्रा ने अपनी शिकायत में सैक्सुअल हरेसमेंट शब्द का उपयोग नहीं किया इसलिए शायद ये मामला इस कमेटी में नहीं आया।

कुलपति ने माना छात्रा की डिग्री में देरी हुई, पर अब सब ठीक

वेटरनरी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्राे. सतीश गर्ग ने कहा कि ये सच है कि छात्रा की पीएचडी में देरी हुई है। मैने छात्रा से बात की। उसे समझाया और उसकी डिग्री भी समय पर पूरी होगी। मैंने हाल ही में ज्वाइन किया लेकिन अब पूरी नजर है। एचओडी को भी समझाया। दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं लेकिन छात्रा का सेमिनार भी हो गया तो उसका काम खत्म हो चुका। उसकी डिग्री कंपलीट हो चुकी है।

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