कोरोना / जरूरत पड़ी तो बीकानेर में भी काेराेना राेगियाें काे प्लाज्मा थैरेपी, एक्सपर्ट की टीम बनाई

If needed, Plasma therapy of Karena Ragiya in Bikaner, team of experts formed
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If needed, Plasma therapy of Karena Ragiya in Bikaner, team of experts formed

  • मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा.एल.ए.गाैरी के साथ विभाग की सभी यूनिट्स के डाक्टर काे-इन्वेस्टीगेटर, हिमेटाेलाेजी के डा.देवराज आर्य, टीबी-चेस्ट के डा.गुंजन साेनी, एनस्थीसिया की डा.कांता भाटी टीम में शामिल
  • हालांकि बीकानेर में अभी तक गंभीर राेगी बहुत कम आए : ऐसे में प्लाज्मा किसका लिया जाए इस पर करना हाेगा विचार, किसे दिया जाए इसका पात्र राेगी भी तय करना हाेगा

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 06:02 AM IST

बीकानेर. काेराेना से लड़ने में अब तक हाइड्राेक्सीक्लाेराेक्वीन का उपयाेग कर रहे बीकानेर के एसपी मेडिकल काॅलेज में अब गंभीर राेगियाें काे जरूरत पड़ने पर प्लाज्मा थैरेपी भी दी जा सकती है। प्लाज्माथैरेपी के फायदाें पर इन्वेस्टीगेशन और उपयाेग करने के लिहाज से काॅलेज ने विशेषज्ञ डाक्टर्स की एक टीम बनाई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) काे इसके लिए प्रस्ताव भेजा है जिस पर जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

मेडिकल काॅलेज के अतिरिक्त प्राचार्य एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डा.एल.ए.गाैरी की अध्यक्षता में विशेषज्ञाें की एक कमेटी बनाई गई है जाे प्लाज्मा थैरेपी की जरूरत, उपयाेग, लाभ आदि पर रिसर्च करने के साथ ही जरूरत पड़ने पर मरीज की स्थिति के मुताबिक थैरेपी देने पर सुझाव भी दे सकेगी।

इस कमेटी में मेडिसिन विभाग के सभी यूनिट इंचार्ज काे-इन्वेस्टीगेटर हैं। इनके साथ ही टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डा.गुंजन साेनी, हिमेटाेलाेजी डिपार्टमेंट के डा.देवराज आर्य, एनस्थीसिया की डा.कांता भाटी आदि कमेटी में शामिल हैं।

ठीक हुए राेगियाें से ले रहे सहमति, आईसीएमआर काे किया अप्लाई

क्या करेगी कमेटी 
प्लाज्मा किसका लेना : यह तय करना हाेगा कि प्लाज्मा किसका लिया जाए। मतलब यह कि काेराेना से ठीक हुए किन राेगियाें का प्लाज्मा ऐसा है जिनमें इस बीमारी से लड़ने के लिए अच्छी क्वालिटी का एंटीबाॅडी डवलप हुआ है। 
किसे देना :  

किस स्टेज के गंभीर बीमार काे प्लाज्मा दिया जाए ताकि अच्छे नतीजे मिल सकें। इसके लिए जहां-जहां अभी तक प्लाज्मा थैरेपी दी गई है उनके नतीजाें पर भी अध्ययन हाे रहा है।

  • बिलकुल प्लाज्मा थैरेपी के लिए आईसीएमआर काे आवेदन कर दिया है। जल्द मंजूरी मिलने वाली है। इसके लिए कमेटी भी बना दी है। जरूरत के मुताबिक यह कमेटी इस दिशा में रिसर्च और ट्रीटमेंट की गाइडलाइन के मुताबिक स्थानीय स्तर पर निर्णय लेगी।

-डा.एस.एस.राठाैड़, प्राचार्य एसपी मेडिकल काॅलेज बीकानेर

  • प्लाज्मा थैरेपी मूल रूप से बीमारी से ठीक हाेकर आए व्यक्ति के ब्लड में से प्लाज्मा लेकर दूसरे बीमार व्यक्ति काे देना है। वजह, जाे ठीक हुआ है उसके प्लाज्मा में वायरस से लड़ने का मजबूत एंटीबाॅडी डवलप हुआ है। ऐसे में यह दूसरे बीमार व्यक्तियाें की उपचार में सहायता कर सकता है।

- डा.बी.के.गुप्ता, सीनियर प्राेफेसर मेडिसिन विभाग

बीकानेर के डाक्टर काे लंदन में काेराेना, ठीक हाेते ही प्लाज्मा दिया, तीन बार देंगे 

लंदन में बताैर पीडिएट्रिक कंसल्टेंट सेवाएं दे रहे डा.रमणीक माथुर काेविड-पाॅजिटिव हाे गए। ठीक हुए। हाॅस्पिटल में बच्चाे की देखभाल शुरू की। नेगेटिव रिपाेर्ट आने के ठीक 14 दिन बाद प्लाज्मा डाेनेट किया। लंदन में प्लाज्मा थैरेपी शुरू हाेने के बाद पहले कुछ राेगियाें में डा.रमणीक शामिल हैं जिन्हाेंने प्लाज्मा डाेनेट किया।

बीकानेर के एसपी मेडिकल काॅलेज से पीजी कर चुके डा.माथुर के बड़े भाई और अतिरिक्त प्राचार्य डा.रंजन माथुर कहते हैं, तीन बार प्लाज्मा दे सकते हैं। तीनाें बार अलग-अलग मरीजाें के काम आ सकते हैं ये एंटीबाॅडी। डा.रमणीक ऐसा ही करने जा रहे हैं।

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