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कोविड-19:कोरोना काल में व्यापार में हर छोटी-छोटी लागत बचाने के लिए नजदीक में हो रेलवे का ड्राइपोर्ट

बीकानेर11 दिन पहले
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रेलवे का ड्राइपोर्ट

जयपुर, जोधपुर, उदयपुर व कोटा में रेलवे का ड्राइपोर्ट (सूखा बंदरगाह) है। इस कारण वहां पर बड़ी तेजी से व्यापार का विस्तार हो रहा है। रेलवे के कारण उस क्षेत्र के व्यापारियों का सामान काफी तेजी से आता-जाता है। नजदीक में यातायात व्यवस्था होने के कारण लागत में कमी होती है, समय बचता है और वहां के लोग वैश्विक व देशव्यापी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ नहीं पाते।

पिछड़ रहा है तो केवल बीकानेर संभाग - यानी बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ व चूरू। ऐसा नहीं है कि यहां के व्यापारी किसी भी सूरत में उस क्षेत्र के व्यापारियों से कम है। यहां के व्यापारियों का नाम पूरे देश में सम्मान से जाना जाता है इसके बावजूद यहां व्यापार का विस्तार उम्मीदों के अनुरूप नहीं है। बीकानेर संभाग से हर महीने करीब दो हजार कंटेनर का आयात-निर्यात होता है ।

जो रेलवे की आय के लिहाज से लाभदायक है। इसके बावजूद, बीकानेर को इस हक के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़नी पड़ रही है। ‘भास्कर’ चाहता है कि बीकानेर संभाग को यह हक मिले। इसके लिए हम व्यापारियों की इस लड़ाई में साथ है। अभी रेलवे ने उनसे इस संबंध में प्रस्ताव मांगा है।

हम व्यापारियों के प्रस्ताव को मजबूती देने के लिए संभाग के सभी व्यापारियों को एकसाथ लाएंगे। राजनेताओं से सिफारिश करेंगे कि वे बीकानेर को यह हक दिलवाए। कोरोनाकाल में औद्योगिक संकट को उबारने के लिए खर्च में कटौती के लिए यह एक सहयोग व्यापारियों को राहत देगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

राजसीको ने 2007 में ड्राइपोर्ट नाल में स्वीकृत किया, 4.5 करोड़ रुपए भी दिए चारदीवारी भी शुरू हुई मगर अचानक काम रोका, 2016 में खारिज कर दिया
बीकानेर के व्यापारियों की मांग पर 2007 में बीकानेर के नाल क्षेत्र में ड्राइपोर्ट राजसीको (राजस्थान लघु उद्योग निगम) ने ड्राइपोर्ट स्वीकृत किया था। उस समय 4 करोड़ 46 लाख 22 हजार 999 रुपए स्वीकृत हुए थे। नाल में चारदीवारी का निर्माण भी शुरू हुआ। गोचर का मुद्दा आया तो मामला रुका। इसके बाद बात आगे बढ़ी नहीं और 2016 में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

कच्चा माल यहां, फिर भी प्रोसेसिंग यूनिट्स अन्य राज्यों में : बीकानेर संभाग में क्ले, ऊन, मोठ, मूंगफली, मैथी, ग्वार गम एवं जीरा आदि ऐसा हजारों टन कच्चा माल उपलब्ध है। इनके प्रोसेसिंग की यूनिट्स बहुत कम लगी हुई है। यहां के कच्चे माल से गुजरात, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में बड़ी-बड़ी प्रोसेसिंग इकाइयां लग रही है, जिससे वहां आर्थिक विकास बढ़ रहा है। रोजगार के अवसर हमारे संभाग से कई गुना अधिक है।

यह है प्रदेश के 4 रेलवे ड्राइपोर्ट से होने वाल कंटेनर के आयात-निर्यात का परिणाम : जयपुर में 6 हजार कंटेनर, जोधपुर में 4 हजार कंटेनर, उदयपुर में 1 हजार कंटेनर व कोटा में 2 हजार कंटेनर का आयात-निर्यात होता है। बीकानेर संभाग से सालाना 23 हजार कंटेनर का आयात-निर्यात होता है। इस लिहाज से प्रत्येक महीने 1900 कंटेनर का आयात-निर्यात हर माह हमारे यहां से होता है।

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