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महात्मा गांधी स्कूल एडमिशन:जीवन की पहली क्लास में ही एडमिशन लॉटरी से, बड़ी संख्या में निराश हुए अभिभावक, शहर में सीट कम

बीकानेरएक महीने पहले

महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल्स में एडमिशन के लिए शिक्षा विभाग ने शनिवार को लॉटरी निकाल दी। शहरी क्षेत्र के मुरलीधर व्यास नगर और सूरसागर स्थित स्कूल की लॉटरी के बाद बड़ी संख्या में गार्जन को निराशा ही हाथ लगी। करीब सौ सीट्स के लिए सात सौ से ज्यादा आवेदन आए थे। एडमिशन नहीं मिलने पर गार्जन को अब अन्य सरकारी या फिर प्राइवेट स्कूल्स की तरफ जाना पड़ेगा।

जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सूरसागर स्कूल में पहली क्लास में एडमिशन के लिए तीस सीट थी लेकिन एक सौ तीस गार्जन ने आवेदन किया। इनमें सौ गार्जन को एडमिशन नहीं मिल पाएगा, जबकि शेष तीस को प्रवेश मिलेगा। इसी तरह इस स्कूल में तीसरी क्लास में महज तीन सीट्स के लिए 54 फार्म आए हैं। वहीं पांचवीं में तीन व सातवीं में महज दो सीट्स के लिए दो दर्जन से ज्यादा फार्म आए। मुरलीधर व्यास कॉलोनी स्थित अंग्रेजी माध्यम महात्मा गांधी स्कूल के लिए ज्यादा उत्साह देखने को मिल रहा है। यहां नर्सरी में पच्चीस सीट के लिए दो सौ से ज्यादा आवेदन थे जबकि पहली क्लास में तीस सीट के लिए पौने पांच सौ आवेदन थे।

सभी की लॉटरी निकली

निर्धारित सीट के बजाय शिक्षा विभाग ने सभी आवेदकों की लॉटरी निकाल दी है। ऐसे में हर स्टूडेंट को लॉटरी के आधार पर मेरिट में नंबर मिल गया। अगर टॉप तीस में से कोई स्टूडेंट्स एडमिशन नहीं लेता है तो अगले नंबर वाले को एडमिशन दिया जाएगा। डॉक्यूमेंट में कमी होने पर भी आगामी नंबर वाले स्टूडेंट्स को प्रवेश दे दिया जाएगा।

28 को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

अब 28 मई को सभी स्टूडेंट्स के ओरिजनल डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन हो जाएगा। इस दौरान तय डॉक्यूमेंट नहीं देने वाले केंडिडेट्स को एडमिशन नहीं मिल पाएगा। चूंकि आवेदकों की संख्या कई गुनी है, ऐसे में एक-एक सीट के लिए गंभीरता से डॉक्यूमेंट की जांच हो रही है।

अब प्राइवेट स्कूल विकल्प

महात्मा गांधी स्कूल में एडमिशन नहीं मिलने और स्टूडेंट्स को अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाने की इच्छा रखने वाले अभिभावकों अब प्राइवेट स्कूल की तरफ जाना पड़ेगा। बार बार शिक्षा विभाग से महात्मा गांधी स्कूल्स में सीट्स बढ़ाने की डिमांड की जा रही है लेकिन ऐसा नहीं हो रहा।

इस बार नहीं टीचर्स-स्टाफ का कोटा

बीकानेर के महात्मा गांधी स्कूल्स में टीचर्स और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के बच्चों को तय सीट्स से अतिरिक्त सीटों पर एडमिशन दिया जाता रहा है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार टीचर्स और कर्मचारियों के बच्चों को एडमिशन देने के लिए कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। फर्जी तरीके से एडमिशन देने पर संबंधित प्रिंसिपल ही जिम्मेदार होंगे।