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  • Incomplete Order Will Increase The Problems Of 16 Thousand Pensioners, No Hospital For Cashless Treatment, How The Medicine Will Be Available, It Is Not Even Decided Yet

उलझन:अधूरे आदेश से 16 हजार पेंशनर्स की परेशानी बढ़ेगी, कैशलेस इलाज के लिए कोई हॉस्पिटल नहीं, दवा कैसे मिलेगी अब तक ये भी तय नहीं

बीकानेर2 महीने पहले
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  • एक अक्टूबर से पेंशनर्स डायरी में लिखी जाने वाली दवाओं व एनओसी को लेकर असमंजस

राज्य सरकार के सभी अधिकारी-कर्मचारी के साथ ही प्रदेश के सभी पेंशनर्स को कैशलेस इलाज देने के लिए सरकार ने राजस्थान गवर्नमेेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के आदेश 15 जुलाई को दिए हैं। इस योजना में सरकारी हॉस्पिटल के साथ ही निजी हॉस्पिटल में भी सरकारी कर्मचारियों व पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। सरकार ने प्रदेश में 148 निजी हॉस्पिटल से इस संबंध में करार किया है मगर बीकानेर में एक भी निजी हॉस्पिटल को इससे नहीं जोड़ा है।

वहीं दूसरी ओर एक अक्टूबर से पेंशनर्स डायरी में लिखी जाने वाली दवाओं व एनओसी को लेकर भी संशय खड़ा हो गया है। राजस्थान पेंशनर्स समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनवर उस्ता बताते हैं कि पेंशनर्स को हर महीने 20 हजार रुपए की दवाएं बीकानेर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार की दुकानों से मिलती है। दवा नहीं मिलने पर एनओसी मिलती है और वे बाजार से अपनी दवा खरीदकर उसका बिल ट्रेजरी से पास करवा लेते हैं। अब अचानक सरकार ने सभी पेंशनर्स को ई कार्ड बनाने के लिए कह दिया है। तीन दिन में 16 हजार पेंशनर्स को अपने ई कार्ड बनाने होंगे।

बीकानेर में 16 हजार से अधिक पेंशनर्स है जो दो दिन से इसी काम में ई मित्रों पर पहुंच रहे हैं। प्रक्रिया लंबी है और समय कम है। इसके साथ ही सरकार ने बगैर गाइड लाइन आदेश लागू कर दिया है। यह नहीं बताया है कि पेंशनर्स को दवाइयां कहां से मिलेगी। कितने रुपए तक की मिलेगी। अधिक की जरूरत पड़ेगी तो वह कहां और किसके पास आवेदन करेगा। प्राइवेट दुकानों व हॉस्पिटलों के नाम भी जारी नहीं किए हैं।

कई सवाल जेहन में उठ रहे बुजुर्गों के : दवाइयां डॉक्टर किस पर लिखेगा। डायरी में या सरकारी पर्ची पर। सरकारी पर्ची पर लिखेगा तो पेंशनर्स उसे कहां जमा करवा देगा तो अपने पास कौन-सा रिकॉर्ड रखेगा। किसी कारणवश कोई पेंशनर्स अगर ई कार्ड नहीं बना सकेगा तो उसका क्या होगा। तीन से चार दिन में 16 हजार बुजुर्ग पेंशनर्स के कार्ड बनना संभव नहीं। 20 हजार रुपए से ऊपर की दवाई की लिमिट कौन बढ़ाएगा।

एक हॉस्पिटल ने आवेदन किया, उसे शामिल नहीं किया : बीकानेर में एक ही निजी हॉस्पिटल ने आवेदन किया था, सरकार ने उसे भी शामिल नहीं किया। ऐसे में इस योजना का लाभ बीकानेर के सरकारी कर्मचारियों व पेंशनर्स को किसी भी निजी हॉस्पिटल में नहीं मिलेगा। इसके लिए उन्हें जिले से बाहर जाना होगा।

होलसेल भंडार की दुकानों में साफ्टवेयर बदलेगा, ट्रेनिंग होगी तो मिलेंगी दवाइयां : राज्य सरकार ने होलसेल भंडार की दुकानों को उसका साफ्टवेयर बदलने के आदेश दिए हैं। कर्मचारियों को ट्रेनिंग के लिए भी कहा है। 27 सितंबर तक उन्हें साफ्टवेयर अपडेट करने थे। कर्मचारियों को ट्रेनिंग देनी थी। इतने कम समय में इतना सबकुछ अगर होलसेल भंडार नहीं कर पाया तो 1 अक्टूबर से पेंशनर्स को दवाइयां कहां से मिलेगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

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