काम पर लौटे इंटर्न डॉक्टर्स:सभी मांगों पर बनी सहमति, पीबीएम में हालात सुधरे

बीकानेरएक महीने पहले
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मेडिकल कॉलेज के अधीन पीबीएम हॉस्पिटल में इंटर्न कर रहे 250 डॉक्टर्स की सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद वे शुक्रवार को मरीजों की सेवा के लिए वापस पीबीएम हॉस्पिटल काम पर लौट आए। चार में से तीन मांगों पर बनी सहमति के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। इंटर्न डॉक्टर्स के स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. कौशल शर्मा ने बताया कि अब इंटर्न डॉक्टर्स इमरजेंसी और आईसीयू सहित विभिन्न वार्डों में नियमित सेवाएं देंगे। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी और आपातकालीन परिस्थितियों में भी इंटर्न डॉक्टरों ने बिना रुके बिना थके काम किया था।

स्टेट कॉर्डिनेटर डॉ. शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल डॉ. मुकेश आर्य ने सभी इंटर्न डॉक्टर्स को भरोसा दिलाया है कि अब अक्टूबर माह से प्रत्येक माह की 7 तारीख को सभी इंटर्न डॉक्टर्स को स्टाइपेंड का भुगतान कर दिया जाएगा। इसी प्रकार जुलाई और अगस्त का बकाया स्टाइपेंड जमा करवाने के लिए उसके बिल ट्रेजरी कार्यालय में भिजवा दिए गए हैं। इंटर्न की उपस्थिति को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। जिसके तहत अब इंटर्न की उपस्थिति जमा करवाने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के लिपिक एवं विभागाध्यक्ष को सौंपी गई है। इंटर्न डॉक्टरों की एक दिन चली हड़ताल की सीएल काटे जाने पर भी सहमति बन गई। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने करीब नौ लाख रुपए इंटर्न डॉक्टरों के बैंक खातों में राशि डाल दी।

मरीजों ने ली राहत की सांस
पीबीएम हॉस्पिटल के 250 इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद आईसीयू और डेंगू वार्डों में भर्ती डेंगू पॉजिटिव मरीजों ने राहत की सांस ली। असल में रेजिडेंट डॉक्टरों के सहयोग के लिए इंटर्न डॉक्टरों का भी अहम रोल होता है। गुरुवार को एक दिन की हड़ताल के चलते पीबीएम हॉस्पिटल के विभिन्न वार्डों में मरीजों की देखरेख का काम प्रभावित हुआ था।

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