हाईटेक हुआ क्रिकेट सट्‌टा:मोबाइल एप पर आईपीएल का ऑनलाइन सट्‌टा पकड़ा, तीन बुकी गिरफ्तार, 1.40 लाख, लैपटॉप व 5 मोबाइल बरामद

बीकानेर2 महीने पहले
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  • जेएनवी कॉलोनी के एक घर में चल रहा था सट्‌टा, बड़े बुकियों से जुड़े हो सकते हैं तार

क्रिकेट सट्‌टा भी अब हाईटेक हो गया है। इसके लिए बाकायदा मोबाइल एप्लीकेशन भी बन चुकी है। ऐसा ही एक सट्‌टे के खेल को पुलिस ने उजागर किया है। जयनारायण व्यास कॉलोनी में पुलिस और डीएसटी ने देर रात आईपीएल क्रिकेट मैच पर लगाया जा रहा ऑन लाइन सट्‌टा पकड़ा है। हेमू सर्किल के पास किराए के एक मकान में यह खेल चल रहा था। रानी बाजार पंचमुखा हनुमान मंदिर के पास रहने वाला किशनलाल पुत्र प्रेमरतन गहलोत, रानी बाजार गुरुद्वारे के पास रहने वाला गिरधारी लाल पुत्र सत्यनारायण तथा बाबा रामदेव टेंट हाउस के पास रहने वाला पंकज पुत्र रमेश गिरी लेपटॉप पर ऑन लाइन सट्‌टा कर रहे थे।

सट्‌टे का यह खेल corelax.com नामक एक मोबाइल एप्लीकेशन पर चलाया जा रहा था। जेएनवी थाना एसएचओ अरविंद भारद्वाज ने बताया कि मोबाइल एप पर ऑन लाइन सट्‌टा करने के लिए मास्टर आईडी रानी बाजार निवासी रिमी कोड़ा और नोखा के रहने वाले राकेश देवड़ा के पास है। तीनों सटोरियों ने इनसे सैकंड पैनल ईडी ले रखी थी। उसके जरिए मैच के दौरान दाव लगाए जा रहे थे। आरोपियों के पास से एक लाख 40 हजार रुपए नकद मिले हैं। इसके अलावा एक लेपटॉप और पांच मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। एक डायरी में लाखों रुपए का हिसाब - किताब भी मिला है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्दी ही सट्‌टे के बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा।

पुलिस टीम : जेएनवीसी एसएचओ अरविंद भारद्वाज, सुभाष बिजारणियां, एसआई मनोज कुमार, डीएसटी एएसआई रामकरण, हैडकांस्टेबल कानदान सहित रोहिताश भारी, दीपक यादव, विजय सिंह, रघुवीरदान, राकेश, वासुदेव और सवाई सिंह।

ऐसे लगता है मोबाइल पर सट्‌टा: गुगल पर आईडी बनाकर ऑनलाइन सट्‌टा खेला जाता है। तीन तरह से आईडी बनती है। मेन बुकी के पास मास्टर आईडी होती है। सैकंड बुकी पैनल आईडी यूज करता है। तीसरा कस्टमर आईडी, ग्राहकों को दी जाती है। मास्टर आईडी वाला सोमवार को पैनल आईडी वाले के अकाउंट में रुपए डालता है। उसके बाद पैनल आईडी वाला अपने ग्राहकों के लिए कस्टमर आईडी बनाकर देता है। रुपए का भुगतान पैनल आईडी वाले को नकद दिया जाता है। कस्टमर के पास जैसे भाव आते हैं उसके हिसाब से आईडी पर सौदा होता रहता है। लिमिट पूरी होने पर पैनल आईडी वाले को पैसा देना पड़ता है।

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