आसान नहीं इलाज:बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में कोविड रोगी को भर्ती कराना हुआ मुश्किल, कई शर्तों के बाद ही मिल पा रहा प्रवेश

बीकानेर6 महीने पहले
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सैटलाइट अस्पताल में जांच। - Dainik Bhaskar
सैटलाइट अस्पताल में जांच।

अगर कोई कोरोना रोगी बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज करवाना चाहता है तो यह इतना आसान भी नहीं है। रोगियों को भर्ती के लिए मना नहीं किया जा रहा, बल्कि कई शर्तें पूरी होने पर ही उसे प्रवेश मिल पा रहा है। कारण साफ है कि अस्पताल के पास अब इतने संसाधन ही नहीं है कि सभी को भर्ती कर लिया जाए। जिनको अत्यंत आवश्यकता है, वो ही भर्ती हो पा रहे हैं। बढ़ती संख्या के बीच अत्यंत गंभीर रोगियोंं को बचाने का अस्पताल प्रशासन के पास यही उपाय शेष रह गया है। अब इसे अस्पताल प्रबंधन की निष्ठुरता कहें, अव्यवस्था या मजबूरी, किसी के समझ नहीं आ रहा। कभी यह व्यवस्था सही लगती है तो कभी गलत।

बीकानेर में हर रोज औसतन सात सौ से अधिक पॉजिटिव केस आ रहे हैं। इसमें दस फीसदी वे रोगी है, जिनका ऑक्सीजन लेवल बहुत कम होता है। यह लोग विलंब से जांच कराने वाले हैं और हालात बिगड़ने के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं। जहां RTPCR जांच होने के बाद इनका कोविड इलाज शुरू हो पाता है। यानी संक्रमण के कई दिन बाद। तब तक ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो जाता है। ऐसे ही रोगी बाद में वेंटीलेटर तक पहुंच जाते हैं।

यह कर रहा है अस्पताल प्रबंधन

पीबीएम अस्पताल में फिलहाल उन रोगियों को भर्ती किया जा रहा है, जिनका ऑक्सीजन लेवल नब्बे से कम आ रहा है। इस लेवल पर भी जिनकी HRCT का स्कोर सही आ रहा है, उन्हें भर्ती करने में आनाकानी की जा रही है। घर पर ही इलाज का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में अस्पताल में तीन सौ से अधिक मरीज है। इन मरीजों में पचास से अधिक अभी भी गंभीर अवस्था में है। इन्हें वेंटीलेटर व बाइपेप के सपोर्ट पर रखा गया है। असल में अस्पताल की कोशिश है कि किसी भी सूरत में सामान्य मरीज अस्पताल में आकर भर्ती न हो। ऐसे मरीज ही भर्ती हों, जिनकी तबीयत अस्पताल में भर्ती हुए बिना ठीक नहीं हो सकती। साथ ही अस्पताल प्रबंधन इस बात की कोशिश भी कर रहा है कि मरीज के साथ आए परिजन यह जान लें कि उन्होंने संक्रमण टैस्ट कराने में देरी कर दी, यदि भविष्य में परिजन में से किसी को तबीयत खराब होना जैसा महसूस हो तो वे तुरंत टैस्ट करा लें, ताकि अस्पताल में भर्ती होने की नौबत नहीं आए।

निजी अस्पतालों में व्यवस्था

बीकानेर के करीब एक दर्जन निजी अस्पतालों में भी कोरोना रोगियों का इलाज चल रहा है। यहां ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो रही है। निजी अस्पताल में रोगियों के साथ परिजनों को रुकने की छूट मिल रही है। ऐसे में आर्थिक रूप से मजबूत रोगी के परिजन निजी अस्पतालों की ओर भी जा रहे हैं। इन अस्पतालों की व्यवस्था पर भी जिला प्रशासन की मॉनिटरिंग है।

बढ़ रहा मृत्यु का आंकड़ा

बीकानेर में एक जनवरी से अब तक 65 रोगियों की काेरोना के कारण मौत हो गई। इसमें 64 मौतें सिर्फ अप्रैल में हुई है। सिर्फ एक मौत जनवरी में हुई थी। फरवरी, मार्च में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई थी। अप्रैल में भी दस तारीख के बाद मौत का आंकड़ा बढ़ना शुरू हुआ है। महज बीस दिन में कोरोना ने हालात बदल दिए।

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