शब्दांजलि - श्रद्धांजलि कार्यक्रम:कमल रंगा ने कहा- टैस्सीटोरी सांस्कृतिक पुरोधा एवं भारतीय आत्मा थे

बीकानेरएक महीने पहले
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राजस्थानी युवा लेखक संघ और प्रज्ञालय संस्थान की तरफ से एलपी टैस्सीटोरी की 134वीं जयंती के अवसर पर साेमवार काे शब्दांजलि -श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयाेजित किया गया। - Dainik Bhaskar
राजस्थानी युवा लेखक संघ और प्रज्ञालय संस्थान की तरफ से एलपी टैस्सीटोरी की 134वीं जयंती के अवसर पर साेमवार काे शब्दांजलि -श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयाेजित किया गया।

राजस्थानी युवा लेखक संघ और प्रज्ञालय संस्थान की तरफ से एलपी टैस्सीटोरी की 134वीं जयंती के अवसर पर साेमवार काे शब्दांजलि -श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयाेजित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि कथाकार एवं राजस्थानी भाषा मान्यता आंदोलन के प्रवर्तक कमल रंगा ने कहा कि राजस्थानी भाषा के इटली मूल के महान विद्वान एलपी टैस्सीटोरी राजस्थानी भाषा के लिए संघर्ष करने वाले महान सपूत थे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के पूर्व सचिव नितिन गोयल ने कहा कि वे एक ऐसे गुदड़ी के लाल थे जिन्होने तीन महत्वपूर्ण किताबें लिखकर राजस्थानी साहित्य को समृद्ध किया। कार्यक्रम नेमी चंद गहलोत, क़ासिम बीकानेरी, डॉ. फ़ारुक़ चाैहान, मधुरिमा सिंह, कृष्णा वर्मा, सय्यद बरकत अली, अशोक शर्मा, भवानी सिंह, कार्तिक मोदी, सुनील व्यास, सुमित रंगा, तोलाराम सारण, हरि नारायण आचार्य, सय्यद अनवर अली, सय्यद हसन अली, मोहम्मद जरीफ़ सहित अनेक प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।

वहीं दूसरी ओर सादूल राजस्थानी रिसर्च इन्स्टीट्यूट के तत्वावधान में तैस्सितोरी की जयंती पर सोमवार को म्यूजियम परिसर स्थित डॉ. टैस्सीटोरी की प्रतिमा पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित, महाराजा गंगासिंह विवि के कुलपति प्रो. विनोद कुमार सिंह, एनडी रंगा , मधु आचार्य, डॉ. कल्पना शर्मा, डॉ. अजय जोशी, नासिर जैदी, विष्णु शर्मा, संजय जनागल, बुलाकी शर्मा, डॉ. गौरीशंकर प्रजापत, डॉ. नीरज दइया, जुगल पुरोहित, एडवोकेट महेन्द्र जैन, ऋषि अग्रवाल, विमल शर्मा, नवनीत पांडें, मांगीलाल भद्रवाल, राजेन्द्र जोशी आदि उपस्थित थेे।

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