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किसान परेशान:मूंगफली बिजान से पहले सब्सिडी वाली डीएपी की कमी, कंपनियाें ने 700 रुपए तक बढ़ाए दाम

बीकानेर2 महीने पहले
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अखातीज से मूंगफली का बिजान शुरू हाे जाता है। बीकानेर में किसान सर्वाधिक मूंगफली का ही बिजान करता है। मूंगफली बिजान काे लेकर खेताें में तैयारियां शुरू हाे चुकी है। जमीन की सिंचाई करने, हेरा चलाने के साथ ही खरपतवार काे हटाकर किसान भूमि काे बिजान के लिए तैयार कर चुके हैं। इस बीच उनके सामने एक नया संकट खड़ा हाे गया है। मूंगफली बिजान से पहले उन्हें डीएपी की जरूरत हाेती है।

इस समय सब्सिडी पर डीएपी मांग के अनुरूप नहीं मिल रही। इसका फायदा निजी कंपनियाें ने उठाना शुरू कर दिया है। 50 किलाे डीएपी की एक थैला जाे दाे महीने पहले 1200 रुपए में मिल रहा था, उसकी कीमत अचानक 1900 रुपए थैला कर दिया है।

इफकाे काे क्रय-विक्रय सहकारी समितियाें के बिक्री केंद्राें पर मांग के अनुरूप डीएपी नहीं है, ऐसे में मजबूरी में लाेगाें काे निजी कंपनियाें की डीएपी की खरीद करनी पड़ रही है। इससे उनका बिजान महंगा हाे रहा है, जाे इस काेराेना काल में उनके लिए आर्थिक बाेझ बढ़ा रहा है।

पहले इफको और निजी कंपनी में फर्क सिर्फ 50 रुपए था, अब कीमत 1900 रुपए
बीकानेर में मूंगफली के बिजान के लिए 5000 मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता पड़ती है। इस समय इफकाे के 101 बिक्री केंद्राें पर केवल 400 मीट्रिक टन डीएपी की स्टाॅक है। इस 5000 मीट्रिक टन की डिमांड में से 50 प्रतिशत हिस्सा इफकाे का हाेता है और 50 प्रतिशत कंपनियाें का। इससे पहले इफकाे के डीएपी की दर व निजी कंपनियाें के डीएपी की दर में 50 रुपए प्रति थैले का ही फर्क था।

दाे दिन में इफकाे की 2 हजार मीट्रिक टन डीएपी की रैक आने की उम्मीद: इफकाे के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विजय सिंह लांबा बताते हैं कि अचानक निजी कंपनियाें ने भाव बढ़ा दिए हैं। अभी हमारे पास स्टाॅक कम है। मगर, दाे ही दिन में हमारे पास 2 हजार मीट्रिक टन की रेक आ जाएगी। इसके साथ ही इसी महीने में भी 2 मीट्रिक टन डीएपी और आ जाएगी। यानी मांग 5 हजार मीट्रिक टन की है और हमारे पास मई महीने में 4 हजार मीट्रिक टन डीएपी रहेगी। किसानाें काे धैर्य रखना हाेगा।

101 बिक्री केंद्राें पर कीमत 1200 रुपए : इफकाे के जिले में 101 बिक्री केंद्र हैं। इनमें से 80 ग्राम सेवा सहकारी समितियां, 11 क्रय-विक्रय सहकारी समितियां व 10 इफकाे की सब्सिडरी कंपनी के आईएफएफडीसी अधिकृत खरीद केंद्र हैं। यहां से किसान सब्सिडी पर 1200 रुपए प्रति थैले के हिसाब से डीएपी ले सकता है। एक आधार कार्ड से एक महीने में 50 थैले उर्वक मिलते हैं, इसमें सिंगल सुपर फास्फेट, यूरिया व डीएपी तीनाें शामिल हाेते हैं।

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