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इनकी भी सुध लो सरकार:एमएड, नेट, पीएचडी, एमफिल योग्यताधारी शिक्षक निजी कॉलेजों में पढ़ाने को मजबूर

बीकानेर20 दिन पहले
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11 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षक - Dainik Bhaskar
11 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षक
  • गवर्नमेंट बीएड कॉलेजों में व्याख्याताओं के पद नहीं

राज्य में एमएड, नेट, सेट, एमफिल, पीएचडी जैसे उच्च डिग्रीधारी शिक्षक निजी कॉलेजों में नौकरी करने को मजबूर हैं। सरकारी बीएड कॉलेजों में व्याख्याताओं के पद नहीं है।

राजस्थान से स्ववित्त पोषित महाविद्यालय शिक्षक महासंघ संघ के प्रदेश संयोजक डॉ राजेंद्र श्रीमाली ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर बीएड कॉलेज सहित राज्य के डाइट में में व्याख्याता शिक्षा के पद स्वीकृत करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि वर्ष 1998 से पहले शिक्षा विभाग अपने कार्मिक को एमएड के आधार पर प्रमोशन देता था लेकिन 1998 के बाद यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई।

नतीजन पिछले 22 सालों से राजस्थान में एमएड जैसी उच्च योग्यता उपेक्षित हो रही है। महासंघ पदाधिकारियों ने शिक्षा विभाग के माध्यम से राजस्थान में शिक्षक शिक्षा के सेवानियम बनाने और राजस्थान लोक सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षा विषय में व्याख्याता के पद सृजित करने की मांग की है। ताकि राज्य शैक्षिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान परिषद्, राजकीय उच्च अध्ययन शिक्षा संस्थान, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रतिनियुक्तियां बद हो और व्याख्याता शिक्षा के आधार पर एमएड, नेट, सेट, एमफिल, पीएचडी योग्यताधारियों को रोजगार प्राप्त हो सके।

ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों की मांग काे लेकर कलेक्ट्रेट पर शिक्षकों का प्रदर्शन, 11 सूत्री मांगों का सौंपा ज्ञापन

ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादलों की मांग की गई है। शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा) के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह के नेतृत्त्व में बुधवार को कार्यवाहक जिला कलक्टर को 11 सूत्री मांगो का ज्ञापन सौंपा गया। संघ के जिला प्रवक्ता पवन शर्मा ने बताया की डार्क जॉन समाप्त कर प्रबोधक एवं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं वरिष्ठ अध्यापको की तबादला सूची जारी करने, महंगाई भत्ते पर लगाई रोक हटाने, पुरानी पेंशन,परिवीक्षा अवधि,तबादले होने पर वरिष्टता का विलोपन नहीं करने,शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा कर अनिवार्य विषयों के पद स्वीकृत करने,शिक्षकों को बीएलओ नहीं लगाने और गैर शैक्षिक कार्य से मुक्त रखने संबंधी मांग की ज्ञापन में शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर बिश्नोई, जिला सचिव शंकर लाल मान,चारु चेजारा,संगीता बारूपाल, नीतू खत्री, धर्मवीर सिंह, संपत चौधरी, मोहनलाल मुंड, शाहरूख खान आदि शामिल हुए।

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