पार्षदों ने कहा / नंदी गोशाला प्रकरण...पार्षदों ने निगम आयुक्त को घेरा महापौर ने कहा-कमेटी संभालेगी गोशाला का संचालन

Nandi Goshala Case… Councilors surround Corporation Commissioner
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Nandi Goshala Case… Councilors surround Corporation Commissioner

  • महापौर और आयुक्त निगम में तालमेल बैठाकर काम करें, यदि ऐसे ही हालात रहे तो इस्तीफा दे देंगे

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:02 AM IST

बीकानेर. नगर निगम में शुक्रवार को पार्षदों ने आयुक्त को घेर लिया। जमकर खरी-खरी सुनाई। यहां तक कह दिया कि महापौर और आयुक्त आपस में तालमेल रखकर काम करेंगे तो शहर में निगम की छवि अच्छी बनी रहेगी। यदि ऐसे ही हालात रहे तो पार्षदों से इस्तीफा ले लिया जाए। महापौर ने कहा कि अब गोशाला का संचालन निगम की कमेटी करेगी। 

नंदी गोशाला और मारपीट प्रकरण को लेकर कांग्रेसी, बीजेपी और निर्दलीय पार्षद शुक्रवार सुबह निगम पहुंचे। महापौर सुशीला कंवर ने आयुक्त के साथ वार्ता करने के लिए उन्हें बुलाया था। आयुक्त डाॅ. खुशाल यादव सीएम की वीसी में होने के कारण दोपहर डेढ़ बजे पहुंचे। निगम सभागार में पार्षदों का आक्रोश फूट पड़ा। महापौर सुशीला कंवर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 40 यूओ नोट अब तक भेज चुके हैं। एक पर कार्रवाई नहीं की गई है। चेतना चौधरी ने फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया।

मनोज बिश्नोई ने कहा यदि शहर को सही ढंग से चलाना है तो महापौर और आयुक्त को आपसी तालमेल बनाकर चलना होगा। यदि ऐसे ही हालात रहे तो हमें पार्षद चुनने का वार्ड वासियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। सभी पार्षद इस्तीफा दे देते हैं। पुनीत शर्मा ने कहा कि गौशाला को लेकर महापौर और आयुक्त के बीच मतभेद हैं तो बीच का रास्ता निकालना चाहिए। मुकेश ने आरोप लगाया कि कक्ष में उपायुक्त और विक्रम के बीच आयुक्त ने बीच-बचाव नहीं किया। पार्षदों ने उपायुक्त जगमोहन हर्ष को हटाने की मांग की।
गोशाला संचालन काे लेकर विवाद कायम 
नंदी गोशाला संचालन काे लेकर विवाद अब भी बना हुआ है। आयुक्त ने गुरुवार को चार कर्मचारियों की कमेटी बनाई। कमेटी के आदेश पर महापौर के साइन कराने के लिए लेटर लेकर नेक मोहम्मद को उनके निवास पर भेजा। लेकिन महापौर ने बिना पूर्व सूचना आने का कहकर साइन करने से मना कर दिया।

शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच वार्ता के दौरान इस मुद्दे पर बात हुई तो महापौर सुशीला कंवर ने स्पष्ट कहा कि निगम की कमेटियों का गठन हो चुका है। गोशाला के संचालन का जिम्मा अब गोशाला संचालन समिति के अध्यक्ष अनूप गहलोत संभालेंगे। कांग्रेसी नेता सुभाष स्वामी ने नागौर की गौशाला को सौंपने की बात कही। इस पर मनोज ने टैंडर जारी करने का सुझाव दिया।
मुकदमे से पार्षदों के नाम वापस लेने का आग्रह :

कांग्रेसी पार्षदों ने आयुक्त से मिलकर उपायुक्त जगमोहन हर्ष की ओर से दर्ज मुकदमे से पार्षद आनंद सिंह सोढ़ा और महेन्द्र बड़गूजर का नाम वापस लेने का आग्रह आयुक्त से किया है। यदि नहीं हटाते हैं तो वहां मौजूद सभी पार्षदों के नाम लिखवाए जाएं। मनोज बिश्नोई के नेतृत्व में पार्षदों ने आयुक्त से अलग से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि को विरोध करने का अधिकार है।

जगमोहन पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की गई थी। आयुक्त कक्ष में कोई हिंसक घटना हुई है तो उसकी सभी पार्षद निंदा करते हैं। इस पर आयुक्त ने हर्ष की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उनसे बातचीत करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। शांतिलाल मोदी, चेतना चौधरी, प्रफुल्ल हटीला, युनूस खान, सुभाष स्वामी आदि इस दौरान मौजूद थे।
विवाद के चलते ट्रस्ट ने वापस संभाली गोशाला, आयुक्त ने दिया था नाेटिस
नंदी गोशाला काे लेकर चल रहे विवाद के बीच संचालक साेहन लाल बुला देवी ओझा गोशाला समिति ट्रस्ट के कर्मचारियाें ने शुक्रवार की शाम काे वापस काम संभाल लिया। आयुक्त ने संचालक काे तीन दिन पहले नाेटिस दिया था। गोशाला काे लेकर पिछले तीन दिन से विवाद गहराया हुआ था। गुरुवार दाेपहर उपायुक्त जगमाेहन हर्ष काे बुलाकर महापाैर ने रसाेई घर का ताला तुड़वाया। इसे लेकर उनके बीच तू तू मैं मैं भी हुई। पार्षदाें ने उपायुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।

शुक्रवार दाेपहर ढाई घंटे तक आयुक्त के साथ इस मुद्दे पर महापाैर और पार्षदाें की वार्ता चली। महापाैर ने निगम की कमेटी काे संचालन का जिम्मा साैंप दिया। इस बीच शाम काे अचानक गोशाला संचालक ने नाेटिस का जवाब आयुक्त काे भेजते हुए गोशाला में वापस काम शुरु कर दिया। ट्रस्ट के अनिल ओझा ने आयुक्त डाॅ. खुशाल यादव से माेबाइल पर बात की और प्राेटेक्शन मांगा। आयुक्त के नाेटिस का जवाब देते हुए कहा कि उन्हाेंने गोशाला छाेड़ी नहीं थी। धमकियां देकर उन्हें जाने के लिए मजबूर किया गया था। आयुक्त ने उन्हें आश्वस्त किया कि स्टाफ की सुरक्षा का पूरा बंदाेबस्त किया जाएगा।

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