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जिला उपभोक्ता मंच का फैसला:ऑनलाइन पढ़ाई अच्छी नहीं कराने को सेवा में कमी माना, इंस्टीट्यूट को देना होगा 25 हजार रुपए हर्जाना

बीकानेरएक महीने पहले
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जिला उपभोक्ता मंच ने एक मामले में नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रकार की तैयारी के लिए ऑन लाइन पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं कराने को सेवा में कमी माना है तथा इंस्टीट्यूट को हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं। - Dainik Bhaskar
जिला उपभोक्ता मंच ने एक मामले में नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रकार की तैयारी के लिए ऑन लाइन पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं कराने को सेवा में कमी माना है तथा इंस्टीट्यूट को हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं।

जिला उपभोक्ता मंच ने एक मामले में नीट, जेईई सहित विभिन्न प्रकार की तैयारी के लिए ऑन लाइन पढ़ाई अच्छी तरह से नहीं कराने को सेवा में कमी माना है तथा इंस्टीट्यूट को हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं। प्रकरण के अनुसार नत्थूसर बास मालियों के मोहल्ले में रहने वाले हरीश भाटी ने अपने पुत्र कृष्ण कुमार को 2020 में नीट, जेईई सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी के लिए आकाश कोचिंग इंस्टीट्यूट जॉइन कराया था। कोरोना के कारण पढ़ाई ऑन लाइन होती थी। इसके लिए उन्होंने 22 हजार 700 रुपए फीस भी जमा करा दी। क्लॉस लेने वाले अध्यापकों की भाषा की शैली कठिन थी।

अध्यापक का ऑनलाईन मोबाईल नेटवर्क की क्वालिटी भी घटिया स्तर की थी, जिसके कारण ऑडियो / वीडियो क्वालिटी भी स्पष्ट नजर नहीं आ रही थी। अध्यापक भी बदल दिए जाते थे। परेशान होकर बच्चे ने दूसरी कोचिंग जॉइन कर ली। हरीश भाटी ने आकाश इंस्टीट्यूट संचालकों से फीस की रकम लौटाने को कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। इस पर भाटी ने उपभोक्त मंच की शरण ली। मंच ने परिवादी को ट्यूशन फीस, सिक्यूरिटी राशि और मानसिक संताप के 25 हजार रुपए लौटाने के के आदेश इंस्टीट्यूट को दिए हैं। एक महीने में रकम नहीं लौटाई तो परिवाद पेश करने की तिथि से 9 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना पड़ेगा। परिवादी की ओर से पैरवी एडवोकेट अनिल सोनी ने की।

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