ट्रांसफर-पोस्टिंग में अटकी पढ़ाई:अब बैक डेट में संशोधित तबादला सूचियां जारी हो रहीं, नतीजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा

बीकानेर18 दिन पहले
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  • जिन्हें मनचाही जगह नहीं लगाया वे अफसरों के चक्कर काट रहे

शिक्षा विभाग में तबादलों के बाद अब बैक डेट में संशोधन का सिलसिला शुरू हो गया है। रोजाना प्रिंसिपल, लेक्चरर सहित सेकंड ग्रेड शिक्षकों की संशोधित तबादला सूचियां जारी हो रही है। उधर, शिक्षा सत्र के बीच में तबादले होने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिन शिक्षकों के गलत या दूरस्थ स्थानों पर तबादले हो गए हैं। वह अब संशोधन के लिए शिक्षा निदेशालय के चक्कर लगा रहे हैं। विभाग की ओर से जारी संशोधित ट्रांसफर लिस्ट में अभी भी 30 सितंबर का उल्लेख किया जा रहा है। जबकि लिस्ट पांच अक्टूबर को जारी हुई है।

कारण साफ है कि अप्रोच वाले टीचर्स को मनचाहे स्थान पर भेजने के लिए अब इसी तारीख का उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, 30 सितम्बर को ट्रांसफर पर फिर से रोक लग गई है। विभाग में इसी दिन बड़ी संख्या में ट्रांसफर आर्डर जारी हुए। अब कुछ अप्रोच वाले टीचर्स का ट्रांसफर उनकी इच्छा के विपरीत हो गया तो वो शिक्षा मंत्री तक पहुंच गए। ऐसे में उनके ट्रांसफर आर्डर या तो कैंसिल किए गए या फिर उनमें संशोधन किया गया। पांच अक्टूबर को ही जारी दो लिस्ट में राज्य के 39 स्कूलों में प्रिंसिपल का ट्रांसफर किया गया।

इस आदेश पर भी पांच अक्टूबर के बजाय तीस सितम्बर की तारीख अंकित है। इस आदेश में जयपुर, अजमेर, श्रीगंगानगर, नागौर, जैसलमेर, सीकर, बांसवाड़ा और जोधपुर के स्कूल प्रिंसिपल के ट्रांसफर आर्डर में स्थान परिवर्तन किया गया है। खास बात ये है कि कुछ टीचर्स के तो जिले तक बदल दिए गए हैं। बांसवाड़ा से जयपुर में भी ट्रांसफर ऑर्डर किए गए है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त निदेशकों ने ग्रेड सैकंड टीचर्स के ट्रांसफर में संशोधन किए हैं।

ट्रांसफर के दोहरे नियम: सेकेंड ग्रेड में विधवा टीचर्स को राहत, प्रिंसिपल- लेक्चरर में विधवा के भी कर दिए तबादले
शिक्षा विभाग में ट्रांसफर के दोहरे नियमों का खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। सेकेंड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों में विधवा और परित्यक्ता टीचर्स के तबादलों नहीं किए गए है। जबकि प्रिंसिपल और लेक्चरर में विधवा टीचर्स को भी शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र में तबादला कर वहां दूसरे प्रिंसिपल और लेक्चरर की नियुक्ति की गई है।

केस एक
बीकानेर के शिवबाड़ी स्कूल की प्रिंसिपल का तबादला नोखा क्षेत्र में किया है। दो साल में इनका तबादला दूसरी बार हुआ है। इससे पहले इनका ट्रांसफर कोलायत क्षेत्र में किया गया। विधवा होने के कारण बाद में ट्रांसफर आर्डर में संशोधन हुआ। इस बार फिर इनका ट्रांसफर कर दिया है।

केस दो
फोर्ट स्कूल की हिंदी के लेक्चरर का तबादला कोलायत क्षेत्र में किया है। विधवा होने के बाद भी उन्हें तबादलों में राहत नहीं मिली है।

तबादलों के लिए शिक्षा विभाग में पॉलिसी बनाने की जरूरत है। सभी टीचर्स के तबादलों में एकरूपता होनी चाहिए।-विपिन जैन, प्रदेश मंत्री, शिक्षक संघ एकीकृत

प्रिंसिपल- लेक्चरर के तबादले तो कई बार हो गए हैं। विभाग को अब तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों के बारे में भी सोचना चाहिए।-श्रवण पुरोहित, प्रदेश मंत्री, शिक्षक संघ शेखावत

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