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नहरबंदी से पहले जो दावे थे वो फेल:जयपुर में अधिकारी समीक्षा कर रहे थे; आधा शहर टैंकरों से पानी भर रहा था..सिस्टम को कोस रहा था

बीकानेरएक महीने पहले
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  • अफसरों ने कहा-जरूरत हो तो टैंकरों से भी सप्लाई करें, हकीकत-लोग खुद खरीद रहे

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधांश पंत व जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन महाजन शुक्रवार को जब इंदिरा गांधी नहर परियोजना (आईजीएनपी) से जुड़े जिलों में जारी नहरबंदी के दौरान सभी क्षेत्रों में सुचारू पेयजल प्रबंधन पर नजर रखने के निर्देश दे रहे थे, उस वक्त आधा शहर पानी के लए संघर्ष कर रहा था।

कई इलाकों में टैंकरों से पानी की सप्लाई हो रही थी तो कहीं विरोध की रणनीति बनाई जा रही थी। शहर के लोगों का कहना है कि डेढ़ घंटे की बजाय सिर्फ आधे घंटे ही पानी सप्लाई हो रहा है। दोनों अफसरों ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, जोधपुर, नागौर, चूरू और सीकर जिलों के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग व इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली।

पीएचईडी के अतिरिक्त मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने सभी जिलों केे अधिकारियों से विस्तार से चर्चा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में फीडबैक लिया। कहा कि गर्मी और कोविड-19 के कारण उत्पन्न चुनौतीपूर्ण स्थितियों में जलदाय विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय, सतर्कता और सजगता के साथ कार्य करें। दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को पेयजल प्रबंधन, मॉनिटरिंग और समन्वय के लिए निर्देशित किया।

उन्होंने नहरबंदी के लिए जिला स्तर पर की गई प्लानिंग और उसके क्रियान्वयन के बारे में भी सभी अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि आवश्यकता हो तो टैंकर्स के माध्यम से जल परिवहन व्यवस्था एवं कंटिंजेंसी के कार्यों को पूर्ण करते हुए लोगों को समय पर राहत दी जाए। वीसी से पीएचईडी के मुख्य अभियंता (ग्रामीण) आरके मीना एवं मुख्य अभियंता (विशेष प्रोजेक्ट्स) दिलीप गौड़, मुख्य अभियंता (नागौर) दिनेश गोयल, मुख्य अभियंता (जोधपुर) नीरज माथुर, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता श्री अमरजीत मेहरड़ा एवं हनुमानगढ़ में आईजीएनपी के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल के अलावा संबंधित जिलों के पीएचईडी, जल संसाधन विभाग एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना के अधिकारी भी जुड़े।

करणी नगर क्षेत्र में पाइप लाइन छोटी, आधे घंटे ही आता है पानी
करणी नगर विकास समिति की ओर से जलदाय विभाग की गफलत के कारण पीने का पानी आपूर्ति नहीं करने को लेकर संपर्क पोर्टल सहित ज़िला प्रशासन से शिकायत की गई है। समिति के भंवर सिंह शेखावत ने बताया कि होटल करणी भवन पैलेस के पीछे स्थित इन आवासीय कॉलोनियों में जलदाय विभाग ने 20 वर्ष पूर्व छोटी पाइप लाइन डाली थी। उस समय यहां गिने-चुने मकान थे लेकिन अब 29 साल बाद सैकड़ों मकान बन गए हैं। पेयजल की खपत 100 गुना बढ़ गई है जबकि विभाग ने पाइप लाइन नहीं बदली है।

उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में सुबह एक ही समय मात्र आधे घंटे के लिए पेयजल आपूर्ति होती आ रही है जो किसी स्थिति में पूरा नहीं पड़ता। दो दिन से बहुत कम प्रेशर से पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे लोगों को पानी के लए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। शेखावत ने बताया कि पानी नहीं आने के कारण घरों में टैंकरों से पानी डलवाया जा रहा है, जो बहुत मंहगा पड़ता है।

उन्होंने जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता सहित जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि हजारों घरों में आसन्न पेयजल संकट को दूर करने के लिए प्रतिदिन दोनों समय पेयजल आपूर्ति करवाई जाए तथा नियमित पेयजल वितरण किया जाए। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में कोविड पॉजिटिव हैं जिनके लिए पेयजल का समयबद्ध वितरण आवश्यक है। समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शनिवार से पेय जलापूर्ति सुचारू नहीं की गई तो कॉलोनी के बाशिंदे जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे।

आचार्यों की घाटी पर पिछले चार दिन से नहीं आ रहा पानी, एईएन का घेराव किया
शहर का अन्दरूनी हिस्सा पानी की किल्लत से काफी परेशान है। आचार्यों की घाटी पर करीब 4 दिनों से पानी नहीं आ रहा। कई बार शिकायत करने पर भी कोई हल नहीं निकला तो शुक्रवार को मौहल्लेवासियों ने जलविभाग के एईएन रमेश चैधरी का घेराव किया। महानन्द व्यास ने बताया कि जब मौहल्लेवासी लक्ष्मीनाथ जी मन्दिर के पास स्थित कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई भी उपस्थित नहीं था।

फोन करके जब अधिकारियों को बुलाया गया तो उन्होनें भी सन्तोषजनक जवाब नहीं दिया। मौके पर अभिषेक आचार्य, शिवकुमार व्यास, दर्शन व्यास, पीरू सोनी, लाला व्यास, ईलू के साथ मौहल्ले की महिलाओं ने भी मौके पर आने वाले कार्मिकों का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।

शहर के ज्यादातर इलाकों में जल संकट
कोविड की विषम परिस्थितियों में जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण करनी नगर,शिवालिक कॉलोनी,पूजा एनक्लेव, इंद्रप्रस्थ नगर, यूआईटी कॉलोनी, धोबी-धोरा, गोगागेट, नरसिंह सागर तालाब के पास नायकों की गली समेत शहर के विभिन्न क्षेत्राें में पानी की किल्लत है। कुचीलपुरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से पानी का प्रेशर कम आ रहा है ऐसे में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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