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टीचर्स आंदोलन के मूड में:रिक्त पदों को भरने और संविदा पर लगे कार्मिकों को स्थायी करने की मांग को लेकर टीचर्स आंदोलन की राह पर, दर्जनभर अन्य मांग भी

बीकानेर24 दिन पहले
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कलेक्ट्री पर प्रदर्शन करते टीचर। - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्री पर प्रदर्शन करते टीचर।

शिक्षक संगठनों ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल बजा दिया है। पिछले दिनों शिक्षक संघ (शेखावत) ने आंदोलन शुरू किया तो अब एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर्स एसोसिसएशन (रेस्टा) ने विरोध का झंडा हाथ में उठाया है। दर्जनभर मांगों के साथ प्रदेशभर में संविदा पर काम कर रहे टीचर्स को स्थायी करने और तबादलों में पारदर्शिता रखने की मांग की गई है। इस संबंध में बुधवार को जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन दिया गया है।

संगठन के जिलाध्यक्ष नारायण सिंह के नेतृत्त्व में कार्यवाहक जिला कलक्टर अरुण प्रकाश शर्मा को संघ की 11 सूत्री मांगों के लिए पत्र सौंपा गया। ज्ञापन में डार्क जॉन समाप्त करते हुए प्रबोधक एवं तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण एवं पूर्व में 16463 वरिष्ठ अध्यापको ने किए आवेदनों की तबादला सूची जारी करने, महंगाई भत्ते पर लगाई रोक हटाने,पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।

राजकीय सेवा में सीधी भर्ती से उच्च पदों पदस्थापित होने पर प्रोबेशन अवधि को हटाया जाएं,राज्य में वरिष्ठ अध्यापक के अंतर मण्डल व तृतीय श्रेणी अध्यापक के जिले से अन्य जिले में तबादला होने पर वरिष्ठता समाप्त नहीं करने, शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न की समीक्षा करते हुए राज्य के सभी उच्च माध्यामिक विद्यालयों में अनिवार्य विषयों हिन्दी व अंग्रेजी व्याख्याता के पद स्वीकृत करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों प्रदेशाध्यक्ष मोहरसिंह सलावद, कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर बिश्नोई, प्रदेश महिला प्रभारी भावना मक्कड़, जिलाध्यक्ष नारायण सिंह,जिला महिला मंत्री हीना मिर्जा, जिला प्रवक्ता पवन शर्मा,जिला सचिव शंकर लाल मान,चारु चेजारा,संगीता बारूपाल, नीतू खत्री,धर्मवीर सिंह, संपत चौधरी, मोहनलाल मुंड, शाहरूख खान आदि मौजूद शामिल रहे।

ये मांग भी है ज्ञापन में

  • नव क्रमोन्नत सहित सभी माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में अध्यापक लेवल - I के पद स्टूडेंट्स के अनुपात में किये जाएं।
  • शिक्षकों को बी.एल.ओ नहीं लगाया जाये और गैर शैक्षिक कार्य से मुक्त रखा जाएं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा शैक्षिक कार्मिकों को गैर शैक्षिक कार्यों में लगाये जाने पर प्रतिबन्ध लगाने हेतु राज्यस्तरीय आदेश जारी होI
  • जहां उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 9-10 का नामांकन 80 से ज्यादा हैं, वहां उच्च माध्यामिक विद्यालयों में कला वर्ग के साथ विज्ञान संकाय भी खोला जाएं।
  • प्रधानाध्यापक भर्ती की तरह राज्य में प्रधानाचार्य के 50 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएं और प्रत्येक पीईईईओ के अधीन एक उप प्रधानाचार्य पद स्वीकृत किया जाएं।
  • राजकीय स्कूल्स में लगे कुक कम हेल्पर का मासिक मानदेय अकुशल श्रमिकों के साप्ताहिक मानदेय से भी कम हैं I जिससे इनके परिवार का गुजारा होना संभव नहीं है,इनका का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 20 हजार रुपये किया जाएं।
  • शिक्षा विभाग के कार्यालयों में राज्यभर में लगे प्लेसमेंट ऐजेंसी के माध्यम से 650 कार्मिक जिनको प्रतिमाह मानदेय 6 से 8 हजार के मध्य दिया जा रहा है इनका न्यूनतम मानदेय 24000 रुपये प्रतिमाह किया जाएं।
  • कंप्यूटर शिक्षकों की नियुक्ति संविदा के स्थान पर स्थाई भर्ती की जाए साथ ही राज्य में कार्यरत लगभग 25 हजार पंचायत सहायको को स्थाई किया जाएं।
  • स्कूल व्याख्याता भर्ती 2018 में 14 प्रतिशत कम किए गए 689 पद बढाएं जाए, वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2016 में रिक्त रहे 1200 पदों पर नियुक्ति दिलवाई जाएं। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती 2018 में त्यागपत्रित 1352 पदों की आरक्षित सूची जारी करवाई जाएं।
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