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पेट्रोल फिर सौ पार:बीकानेर में एक बार फिर साधारण पेट्रोल सौ के पार पहुंचा, बिक्री कम हुई है, पर भाव बढ़ते ही जा रहे

बीकानेरएक महीने पहले
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बीकानेर में एक पेट्रोल पंप। - Dainik Bhaskar
बीकानेर में एक पेट्रोल पंप।

बीकानेर में कोरोना के कारण पेट्रोल व डीजल की बिक्री कम हुई है लेकिन भाव है कि बढ़ते ही जा रहे हैं। शुक्रवार को बीकानेर में पेट्रोल के भाव सौ रुपए पार पहुंच गए। यहां साधारण पेट्रोल की बात हो रही है क्योंकि प्रीमियम वाला पेट्रोल तो कब का सैकड़ा लगा चुका है। डीजल भी कम नहीं है, दबे पांव वो भी सौ के आसपास पहुंच ही गया है।

बीकानेर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरपत सिंह ने बताया कि बीकानेर में सामान्य पेट्रोल की दर शुक्रवार को 100.16 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 92.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है। पिछले एक साल में यह दूसरा मौका है जब पेट्रोल सौ के पार हुआ है। उधर, प्रीमियम पेट्रोल 103.23 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रीमियम पेट्रोल में तो अप्रैल से ही सौ के पार चल रहा है। गत तीन मई से पेट्रोल की दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ है जो शुक्रवार को भी जारी रहा। गुरुवार को बीकानेर में पेट्रोल 99.87 रुपए प्रति लीटर था जो अब बढ़कर सौ से आगे निकल गया। पिछले चौबीस घंटे में पेट्रोल की कीमत 29 पैसे बढ़ गई है। वहीं एक मई को पेट्रोल 99 रुपए था जो बंगाल में चुनाव खत्म होने के बाद चार मई से बढ़ना शुरू हुआ। डीजल भी एक मई को 91.25 रुपए प्रति था, जो बढ़कर अब 92.57 रुपए हो गया है। प्रीमियम पेट्रोल सौ के पार पहुंचकर भी शांत नहीं हो रहा। इसकी कीमत भी एक मई को 102.4 रुपए था जो अब बढ़कर 103.23 रुपए हो गया है।

बड़ा हिस्सा टेक्स का

पेट्रोल और डीजल की दरों पर सबसे बड़ा हिस्सा टेक्स का है। पेट्रोल की कीमत पर 36 प्रतिशत और डीजल पर 26 फीसदी टेक्स वेट के रूप में लग रहा है। एक्साइज ड्यूटी में बार बार बढ़ोतरी करके भी कीमतों को बढ़ाया जा रहा है।

इस दौर में सिर्फ जरूरतमंद है रोड पर

देशभर में कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते सिर्फ जरूरतमंद लोग ही सड़कों पर है। न तो कोई घूमने के लिए बाहर निकल रहा है और न ही किसी से मेल मिलाप करने। अधिकांश डीजल वाहन या तो रसद सामग्री पहुंचा रहे हैं या फिर ऑक्सीजन। जो लोग स्वयं सड़कों पर हैं उनमें भी अधिकांश अस्पताल जा रहे हैं या फिर दवा लेने के लिए। घर पर बैठे परिजनों का पेट पालने के लिए कुछ लोग किराना की दुकान तक भी जाते हैं। इन सब कार्यों के लिए भी सरकार को भारी भरकम टेक्स देना पड़ रहा है।

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