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बीकानेर में ब्लैक फंगस:दिनभर इंजेक्शन का इंतजार एक और मौत, तीन नए रोगी

बीकानेर20 दिन पहले
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म्यूकोर माइकोसिस के गहराते प्रकोप के बीच इंजेक्शन की कमी मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है। रविवार को दिनभर इंजेक्शन का इंतजार होता रहा। इस बीच एक महिला की जान चली गई। हालांकि इसे गंभीर हालत में रविवार दोपहर को ही पी-वार्ड में लाया गया था और रविवार को ही बीमारी की पुष्टि हुई थी।

बीकानेर में अब तक इस बीमारी से छह लोगों की मौत हो चुकी है। तीन और रोगियों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही छह दिन में रिपोर्ट हुए 30 रोगियों में से छह की मौत हो गई। मतलब यह कि छह दिनों में इस बीमारी से 20 फीसदी रोगियों की मौत हो गई। ब्लैक फंगस के रोगियों पर इंजेक्शन की कमी भारी पड़ने लगी है। हर दिन जयपुर से उतने ही इंजेक्शन मिल रहे हैं जितने रोगी भर्ती होते हैं। हालत यह है कि शनिवार दोपहर को इंजेक्शन खत्म हो गए और रविवार देर शाम तक नई खेप नहीं आई। ऐसे में पूरे दिन किसी को इंजेक्शन नहीं लग पाया।

दूसरी ओर बीमारी का प्रकोप गहराने की आशंका बढ़ रही है। वजह, हॉस्पिटल के कई वार्डों में संदिग्ध रोगी भर्ती है वहीं संभाग के कई जिलों से नए रोगी बीकानेर आ रहे हैं। अब तक चार ऐसे मरीज बीकानेर में भर्ती हो चुके हैं जिनके ब्लैक फंगस की सर्जरी चंडीगढ़ या श्रीगंगानगर में हो गई लेकिन आगे का इलाज बीकानेर में हो रहा है।

छह दिन में 30 रोगी सामने आए इनमें से छह की मौत, यानी 20 फीसदी रोगियों की जान चली गई, आशंका वाले 4 और रोगियों की जांच कराई

सबसे छोटे रोगी की हालत स्थिर

फंगस वार्ड में भर्ती डेढ़ साल की उम्र के अब तक के सबसे छोटे ब्लैक फंगस रोगी की हालत अभी स्थिर है। ब्लड कैंसर से जूझ रहे इस बच्चे में फंगस रिपोर्ट होने के बाद एम्फीटेरेसिन-बी इंजेक्शन शुरू किए गए थे। लगातार प्लेटलेट कम होने से इसकी सर्जरी अब तक तय नहीं हो पाई है। रविवार को भी प्लेटलेट चढ़ाई गई।

चार की सर्जरी होगी

सर्जरी बढ़ाने के निर्णय के साथ रविवार देर शाम के राउंड के बाद डॉक्टर्स ने चार मरीजों को सर्जरी के लिए लगभग तैयार माना हैं।ऐसे में सोमवार को इन सभी की सर्जरी प्रस्तावित है।

डॉक्टर बोले-गंभीर थी महिला

सोमवार से सर्जरी की संख्या बढ़ा देंगे। कोशिश यह है कि हर दिन उन सभी मरीजों की सर्जरी कर सकें जो इसके लिए योग्य है। मतलब यह कि सभी पैरामीटर पर जांच के बाद उन्हें एनस्थीसिया देने की स्थिति हो। रविवार को जिस महिला की मौत हुई उसकी आज ही पहचान और जांच हुई थी। ब्रेन में फंगस पहुंच चुका था। फंगस वार्ड में भर्ती होने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। अब तक जितने भी मरीजों की मौत हुई है, सभी ऐसे हैं जो ब्रेन में फंगस पहुंचने की गंभीर स्थिति के बाद रिपोर्ट हुए थे। -डॉ.गौरव गुप्ता, ईएनटी प्रोफेसर एवं ट्रीट कोऑर्डिनेटर

हर दिन इंजेक्शन की आपूर्ति हो रही है और अब तक किसी भी दिन मरीजों को इंजेक्शन के बगैर नहीं रखा गया है। रविवार को भी रात तक सभी के इंजेक्शन लग जाएंगे। नए रोगियों के लिए पी-वार्ड के पास ही नया वार्ड भी चालू कर रहे हैं। -डॉ.परमेन्द्र सिरोही, पीबीएम सुपरिटेंडेंट

  • रात में 40 डोज आई सभी को लगी, आज के लिए फिर इंतजार
  • देर शाम 40 एम्फीटेरेसिन-बी इंजेक्शन पी.वार्ड को अलॉट हुए। इससे वहां मौजूद सभी रोगियों को इंजेक्शन लगे। अब सोमवार को फिर नए सिरे से इंजेक्शन का इंतजार होगा।
  • सर्जरी और बेड के साथ ही इंजेक्शन की आपूर्ति नहीं बढ़ी तो मौतों का आंकड़ा हर दिन बढ़ेगा

ब्लैक फंगस से पीड़ितों के दो ही उपचार है। पहला-जितने हिस्से में फंगस पहुंचे चुका है उसे सर्जरी के जरिये हटाना। दूसरा-एम्फीटेरेसिन-बी इंजेक्शन। इसके साथ ही जिस रफ्तार से रोगी बढ़ रहे हैँ उस लिहाज से बेड यानी नए वार्ड भी बाने होंगे। पीबीएम हॉस्पिटल की फंगस मैनेजमेंट टीम ने सर्जरी की संख्या बढ़ाने का निर्णय तो कर लिया लेकिन इंजेक्शन की आपूर्ति सरकार के हाथ में हैं। नए आ रहे रोगियों को भर्ती करने के लिए बेड-वार्ड तो बढ़ा देंगे लेकिन इंजेक्शन की कमी से मौतों का आंकड़ा हर दिन बढ़ सकता है।

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