कोर्ट की कार्यवाही:पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने को गंभीर माना

बीकानेर2 महीने पहले
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परिवादी पिता पर कार्रवाई के आदेश दिया है। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
परिवादी पिता पर कार्रवाई के आदेश दिया है। (फाइल फोटो)

पारिवारिक रंजिश के कारण पिता ने नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का युवक के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। पुलिस ने जांच कर कोर्ट में एफआर लगा दी। पॉक्सो कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवादी पिता के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए हैं। परिवादी पिता की ओर से चार मई, 21 को नाल पुलिस थाने में नाबालिग पुत्री का अपहरण और बार-बार दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था।

सीओ सदर पवन कुमार भदौरिया ने मामले की जांच की और माना कि पारिवारिक कलह के कारण मनगढ़ंत कहानी बनाकर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया। कोर्ट में एफआर पेश कर दी। पॉक्सो कोर्ट ने एफआर स्वीकार कर ली और नाल एसएचओ को झूठा मुकदमा दर्ज करवाने वाले पर कार्रवाई करने के आदेश दिए।

कोर्ट लाइव : इस प्रवृत्ति से समाज में गलत संदेश जाता है, इसका सख्ती से दमन जरूरी

जज देवेन्द्र सिंह नागर ने कहा-समाज में बढ़ते यौन अपराध की घटना अतिगंभीर व चिंता का विषय है। ये अत्यंत संवेदनशील मामले होते हैं। इनकी बढ़ती संख्या से महिलाओं व बालिकाओं के लिए असुरक्षित माहौल बनता है। इस तरह झूठे मुकदमों से समाज में गलत संदेश जाता है। आपसी विवाद में ऐसे झूठे मुकदमे करवाने की प्रवृत्ति का बढ़ना सामाजिक ताने-बाने व कानून-व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। इस प्रवृत्ति का सख्ती से दमन किया जाना चाहिए।

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