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  • Rajasthan Has The Highest Number Of 37% Fake Cases Registered Across The Country; Action On Six Hundred Policemen Including One IPS And Ten RPS In Corruption Cases

राजस्थान के DGP का बड़ा खुलासा:देश में सबसे ज्यादा 37% फर्जी केस राजस्थान में दर्ज होते हैं; लाठर ने कहा- हम हर शिकायत दर्ज करते हैं, इसलिए महिला अपराध के केस ज्यादा

बीकानेर4 महीने पहले

राजस्थान के DGP (पुलिस महानिदेशक) मोहनलाल लाठर ने कहा कि पुलिस के लिए फर्जी केस सबसे बड़ी समस्या है। राजस्थान इस मामले में सबसे आगे है। देशभर में जितने फर्जी केस दर्ज होते हैं, उसमें 37% अकेले राजस्थान के होते हैं। फर्जी केस दर्ज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है, लेकिन काम के बढ़ते दबाव के बीच इन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। वार्षिक निरीक्षण के लिए बीकानेर आए लाठर ने पत्रकारों से बातचीत में चौंकाने वाली जानकारी दी।

उन्होंने कहा- राजस्थान में महिला अपराध बढ़ने की बात कही जाती है। हकीकत ये है कि हम हर शिकायत दर्ज करते हैं, इसलिए केस की संख्या बढ़ती है। इनमें कई शिकायतें फर्जी भी निकलती हैं। देशभर में सर्वाधिक फर्जी FIR राजस्थान में ही दर्ज होती है। इसका एक पक्ष ये भी है कि हम शिकायतकर्ता जैसा कहता है, वैसा मामला दर्ज करते हैं।

पुलिस पर है पूरी नजर

लाठर ने कहा कि सिपाही से लेकर IPS तक पर हमारी नजर हर वक्त रहती है। इन हाउस डिकॉय कर रहे हैं ताकि अगर कोई फर्जी मामला बना रहा है तो उस पर कार्रवाई की जा सके। पिछले कुछ समय में ही राजस्थान में एक IPS, 10 RPS, 23 इंस्पेक्टर और 571 अन्य रैंक के पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है। एक RPS, 1 इंस्पेक्टर, 2 सब इंस्पेक्टर और 23 अन्य को सीधे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा 6 इंस्पेक्टर, एक सब इंस्पेक्टर, 9 अन्य रैंक के पुलिस कर्मियों को कंपलसरी रिटायरमेंट दे दिया गया। समय-समय पर डिकॉय करके भी कार्रवाई कर रहे हैं।

अब प्रमोशन के लिए ट्रेनिंग जरूरी

लाठर ने बताया कि आमतौर पर पुलिस कर्मचारी ट्रेनिंग लेने में विशेष रुचि नहीं लेते हैं। अब प्रमोशन चाहिए तो उसे हर हाल में ट्रेनिंग लेनी होगी। बिना ट्रेनिंग प्रमोशन नहीं होगा। प्रमोशन के सिस्टम में ट्रेनिंग के अंक होंगे। एक अप्रैल 2022 के बाद ट्रेनिंग करने वाले पुलिसकर्मी को 25 से 50 नंबर तक दिए जाएंगे। इसके लिए सरदार पटेल यूनिवर्सिटी की ओर से भी ट्रेनिंग ली जा सकती है। ऑनलाइन ट्रेनिंग भी ले सकते हैं।

ऑनलाइन ठगी से बचने की जरूरत

लाठर ने कहा कि ऑनलाइन ठगी के संबंध में पुलिस की IT सेल काम कर रही है। इससे भी बड़ी जिम्मेदारी आम आदमी की है। उसे सजग रहना चाहिए। अगर कोई कहे कि आपको स्कार्पियों पुरस्कार में दी जा रही है तो सोचना चाहिए कि क्यों दी जा रही है? आपने कोई लॉटरी ही नहीं खरीदी तो आपका पुरस्कार कैसे निकल गया। किसी की बातों में आने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्वयं के साथ हुई घटनाओं को भी गिनाया।

कोरोना से नुकसान

DGP ने कहा कि कोरोना काल के कारण बहुत नुकसान हुआ है। बड़े अपराधों के संबंध में जो नए कानून बने हैं, उनमें सजा कम हो पाई है। दरअसल, कोरोना के कारण अदालतों का काम काफी बाधित हुआ था। जो कठोर कानून बने, उनके तहत सजा मिलने पर ही लोगों में अपराध का भय होगा। आने वाले समय में अदालतें सजा देंगी, तो अपराध भी कम होंगे।

सीमा पर सतर्कता है

लाठर ने कहा कि सीमा पर पहले पुलिस चौकियां होती थीं। अब नहीं हैं। कारण साफ है कि अब बॉर्डर पर फेंसिंग है। ऐसे में पुलिस की ज्यादा जरूरत नहीं है। हमारी केंद्रीय एजेंसी वहा सतर्क है। पुलिस भी आसपास काफी सतर्क है। सीमा पार से किसी भी कारगुजारी को हमारी केंद्रीय एजेंसी और पुलिस सफल नहीं होने देगी।

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