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उप नेता प्रतिपक्ष की वर्चुअल पीसी:डोटासरा-धारीवाल की लड़ाई पर राठौड़ का कटाक्ष- कैबिनेट मीटिंग में पुलिस तैनात करने की जरूरत

बीकानेर10 दिन पहले
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प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़। - Dainik Bhaskar
प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़।

पूर्व मंत्री और विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने गहलोत सरकार में दो मंत्रियों के बीच छिड़ी जंग पर जमकर कटाक्ष किए। बोले, लगता है अब सीएम की कैबिनेट मीटिंग में भी पुलिस तैनात करने की जरूरत पड़ेगी। ‘जाने कब क्या हो जाए इस सरकार में..’

जुमला दोहराते हुए कहा, यह दुख और हैरानी की बात है कि लोग कोविड से मर रहे हैं। हॉस्पिटलों में हालात बिगड़ रहे और सरकार के मंत्री आपस में लड़ रहे हैं। कोरोना कुप्रबंधन का अपना सारा ठीकरा केन्द्र के सिर फोड़ रहे हैं।

बीकानेर संभाग के पत्रकारों से वर्चुअल काॅन्फ्रेंस में राठौड़ ने आरोप लगाया कि कोविड प्रबंधन पर पूरी तरह असफल रही सरकार मौतों की ऑडिट करना तो दूर आंकड़े छिपाने में लगी है। कोविड हॉस्पिटल्स में हुई 52 प्रतिशत मौतों को सरकार कोरोना से नहीं मानती। जिन परिवारों ने अपनों को खोया है, वे सरकारी सहायता से वंचित रहने को मजबूर हैं।

राठौड़ ने वैक्सीन बर्बादी पर भी सरकार को घेरा। कहा, मंत्री जाकर कलेक्टर्स को ज्ञापन देने की राजनीतिक कर रहे हैं। बर्बाद होती वैक्सीन नहीं रोक रहे। ग्लोबल टेंडर से वैक्सीन लाने जैसी बड़ी-बड़ी बातें की। फेल हुए तो केन्द्र पर जिम्मेदारी डाल दी।

बीकानेर में बदहाली के आरोप, कल्ला पर निशाना: राठौड़ ने कहा, बीकानेर में नहरबंदी से हालात बदतर हो गए। मंत्री कल्ला के शहर में पीने का पानी बिक रहा है। आपूर्ति आधे घंटे हो रही है। घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। पीबीएम में हालात बदतर होते गए।

केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के प्रयासों में सोची-समझी साजिश के साथ राजनीतिक अड़चनें पैदा की गई। भुट्टों के चौराहे पर धार्मिक स्थल निर्माण में पुलिस का रवैया शर्मनाक रहा। दोषियों को संरक्षण देकर तुष्टीकरण की राजनीति की गई।

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