PHED का सिस्टम डूबा:शोभासर पंपिंग स्टेशन का रिफ्लेक्स वॉल्व फटा 3 जोन में 2.50 लाख आबादी 10 घंटे प्यासी रही

बीकानेर8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
नयाशहर, लक्ष्मीनाथ और नत्थूसर जोन की आबादी को सुबह पानी नहीं मिला, दोपहर 2 बजे शुरू हुई सप्लाई, आज समय पर रहेगा शेड्यूल - Dainik Bhaskar
नयाशहर, लक्ष्मीनाथ और नत्थूसर जोन की आबादी को सुबह पानी नहीं मिला, दोपहर 2 बजे शुरू हुई सप्लाई, आज समय पर रहेगा शेड्यूल

नहरबंदी के दौरान पेयजल कटौती के हालात के बीच शनिवार को शोभासर के पंपिंग स्टेशन पर रिफ्लेक्स वॉल्व फटने से एक यूनिट पानी डूब गई। देर रात जिस वक्त यह वाकया हुआ कर्मचारी गहरी नींद में थे। इससे शहर के परकोटे में करीब ढाई लाख की आबादी को दस घंटे बाद पानी मिला। वह भी आधे घंटे के लिए।

नहरबंदी के कारण शहर को एक दिन छोड़ कर पानी दिया जा रहा है। नया शहर, लक्ष्मीनाथ और नत्थूसर जोन में शुक्रवार को कटौती थी। शनिवार को सुबह पांच बजे पानी छोड़ना था। लेकिन पूगल रोड स्थित शोभासर के पंपिंग स्टेशन पर रात दो बजे बाद रिफ्लेक्स वॉल्व फट गया। उस वक्त कर्मचारी सोए हुए थे।

तड़के चार बजे सप्लाई शुरू करने के समय उठे तब तक पेयजल सप्लाई की एक यूनिट दस फीट तक डूब चुकी थी। इसमें छोटी बड़ी नौ मशीनें हैं, जिनमें पानी भर गया। यह देख कर्मचारी हड़बड़ा गए। सूचना मिलने के बाद जेईएन, एईएन और एक्सईएन सुबह छह बजे मौके पर पहुंचे। पंप लगाकर पानी को निकाला गया।

इस दौरान पुरानी यूनिट को वापस शुरू करने में समय लग गया। दोपहर दो बजे बाद लोगों के घरों में पानी पहुंचा, जबकि रुटीन में सप्लाई सुबह पांच से सात बजे तक एरियावाइज होती है। भास्कर टीम मौके पर पहुंची तो मोटर से पानी निकाला जा रहा था। कर्मचारी मशीनों को खोलकर धूप में सुखाने के लिए रख रहे थे। एक्सईएन विजय वर्मा ने बताया कि टेक्निकल फाल्ट के कारण यह हालात उत्पन्न हुए हैं। शनिवार को सप्लाई विलंब से और कम हुई है। इसकी भरपाई के लिए रविवार को भी तीनों जोन में पेयजल सप्लाई दी जाएगी।

80 एमएलडी पानी देते हैं, कटौती के कारण 40 एमएलडी ही मिल रहा वह भी बर्बाद, 15 साल से एक ही फर्म को ठेका :
शोभासर जलाशय से आधे शहर को पानी दिया जाता है। रोजाना 80 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है, लेकिन वर्तमान में पेयजल कटौती के कारण एक दिन छोड़कर 40 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह पानी बर्बाद हो गया। सप्लाई भी दस घंटे देरी से हुई। जिससे टेल एरिया में पानी पहुंचा ही नहीं। दरअसल पंपिंग स्टेशन का संचालन ठेके पर है। वर्ष 2007 में पंपिंग स्टेशन शुरू हुआ था। इसे चलाने के लिए ठेकेदार फर्म से पांच साल का ओएंडएम किया गया था। अब दस साल से इसी को एक्सटेंशन दिया जा रहा है।

टैंकरों से मंगवाना पड़ा पानी : शुक्रवार को कटौती होने के कारण रविवार को सुबह पानी आना था। जब छह बजे तक नलों में पानी नहीं आया तो जलदाय विभाग के कार्यालयों के फोन बजने लगे। विभाग के अभियंताओं के भी हाथ पैर फूल गए। जिन लोगों को ज्यादा समस्या थी उन्हें ज्यादा पैसे देकर टैंकर मंगवाने पड़े।

कंपनी को नोटिस देंगे
रिफ्लेक्स वॉल्व फटने से शहर के तीन जोन में पानी की सप्लाई में विलंब हुआ है। पंपिंग स्टेशन पर कर्मचारियों को झपकी लगने की बात सामने आई है। कंपनी को नोटिस जारी कर पेनल्टी लगाई जाएगी। -अजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, पीएचईडी

खबरें और भी हैं...