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बीकानेर में अलसुबह हादसा, चार की मौत:जामसर के पास सड़क हादसा, बजरी के ट्रक से टकराई बोलेरो, सात घायल, नोखा में चार का एक साथ अंतिम संस्कार से माहौल गमगीन

बीकानेर3 महीने पहले
जामसर हादसे में बोलेरो गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। फोटो : गोपाल दान चारण

जामसर के पास शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया, इसमें चार सवारियों की मौत हो गई। सात लोग घायल हो गए। घायलों को अब पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। घटना का पता चलते ही जामसर पुलिस मौके पर पहुंच गई। यहां थानाधिकारी गौरव खिड़िया ने घायलों को ट्रॉमा सेंटर भेजा।

सभी घायल नोखा के निवासी हैं और हनुमानगढ़ गए हुए थे। वापसी में ये हादसा हो गया। अब तक सरोज (30 साल), प्रभु (35 साल) और मूलाराम (37 साल) की मौत होने की पुष्टि हो गई है, जबकि एक अन्य की मौत के भी पुष्ट समाचार है। घायलों में हेम सिंह (23 साल), तीजा देवी (32 साल), नेनूराम (78 साल), अश्विनी (12 साल), भूमिका (6 साल), महावीर शामिल हैं।

गाड़ी ऊपर से पूरी तरह पिचक गई।
गाड़ी ऊपर से पूरी तरह पिचक गई।

शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे बोलेराे केम्पर और बजरी से भरा एक ट्रेलर आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि बोलेरो में सवार करीब दस सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं, बाद में तीन की मौके पर ही मौत हो गई। एक महिला ने बाद में दम तोड़ दिया। इसके अलावा छह घायलों को पीबीएम अस्पताल के लिए रवाना किया गया। इनमें भी दो-तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर हेड कांस्टेबल कृष्णकुमार ने घायलों को जैसे-तैसे वाहनों से बीकानेर के लिए रवाना किया। घायल व मृतक नोखा के भाटों के बास के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

दुर्घटना में ट्रेलर भी क्षतिग्रस्त हो गया।
दुर्घटना में ट्रेलर भी क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसे में बोलेरो का ऊपरी हिस्सा पूरा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि बजरी से भरा ट्रेलर भी पलट गया। काफी भारी ट्रेलर के बोलेरो की टक्कर से पलटने का सभी को आश्चर्य हो रहा है। जामसर पुलिस मामले का पता लगा रही है।

एक ही घर से तीन अर्थियां एक साथ निकली तो पूरा नोखा कस्बा गम में डूब गया।
एक ही घर से तीन अर्थियां एक साथ निकली तो पूरा नोखा कस्बा गम में डूब गया।

कस्बे में गमगीन माहौल

उधर, नोखा में दोपहर करीब डेढ़ बजे एक ही एम्बुलेंस में चारों मृतकों के शव पहुंचे। इसमें प्रभु और उसकी पत्नी सरोज व छोटे भाई मूलाराम उर्फ भीयाराम का शव एक घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। प्रभु ठेकेदारी करता है और नोखा में उसका हर किसी से सीधा संबंध है। वो सामाजिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहता था। उसका शव घर पहुंचा तो बहनों की चित्कार ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। प्रभु और उसकी पत्नी सरोज का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि भाई का अंतिम संस्कार उनके ठीक पास किया गया। चिंता की बात यह भी है कि मूलाराम का बेटा अभी पीबीएम अस्पताल में भर्ती है।

कंटेंट सपोर्ट : रामप्रताप गोदारा, लूणकरनसर से और राजेश अग्रवाल नोखा से​​​​​​