मकर संक्रांति:2.28 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगी संक्रांति, दिनभर पुण्यकाल

बीकानेर4 दिन पहले
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मकर संक्रांति 14 जनवरी शुक्रवार काे पाैष शुक्ल द्वादशी तिथि एवं राेहिणी नक्षत्र काल में दाेपहर 2.28 बजे वृषभ लग्न व धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगी। - Dainik Bhaskar
मकर संक्रांति 14 जनवरी शुक्रवार काे पाैष शुक्ल द्वादशी तिथि एवं राेहिणी नक्षत्र काल में दाेपहर 2.28 बजे वृषभ लग्न व धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगी।

मकर संक्रांति 14 जनवरी शुक्रवार काे पाैष शुक्ल द्वादशी तिथि एवं राेहिणी नक्षत्र काल में दाेपहर 2.28 बजे वृषभ लग्न व धनु से मकर राशि में प्रवेश करेगी। 45 मुहूर्ति इस संक्रांति का पुण्यकाल पूरे दिनभर रहेगा। वारानुसार मिश्रा तथा नक्षत्रानुसार नंदा नामक यह संक्रांति ब्राह्मणाें, पशुओं, शिक्षित वर्ग के लिए लाभकारी रहेगी। इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि के स्वामित्व वाली राशि मकर में जाते हैं। इस राशि पर वे करीब एक महीने रहेंगे। इसी कारण इसे मकर संक्रांति कहते हैं। मकर, संक्रांति से प्रतिदिन माघ महात्म्य का पाठ करना कल्याणकारी हाेता है।

ज्याेतिर्विद पंडित हरिनारायण व्यास मनासा ने बताया कि इस माघ महीने में तीर्थ स्थानाें पर स्नान करना उत्तम माना गया है। यदि तीर्थ स्थानाें पर स्नान करना संभव नहीं हाे ताे घर में ही श्रद्धापूर्वक गंगाजल डालकर स्नान कर उनका स्मरण करें ताे उतना ही फलदायी हाेता है। इस दिन श्रद्धालु, तिल, गुड़, खिचड़ी, छाता, कंबल आदि वस्तुओं का दान भी विशेष रूप से करते हैं। वहीं दूसरी ओर गुरुवार काे पूरे दिन बाजार में चहल-पहल रही। शुक्रवार काे किए जाने वाले दान काे लेकर गुड़, तिल, घेवर की खूब खरीदारी की गई। घेवर-फीणी की बिक्री जाेराें पर रही। रेवड़ी के साथ ही तिल से बने आइटम भी खूब बिके। बर्तन, कपड़े व प्लास्टिक के आइटम की भी खूब डिमांड रही। तेरुंडे के लिए विशेष सामान खरीदा गया। महिलाएं विशेष ताैर पर तेरुंडे का दान करेगी। इसी तरह घराें में शुक्रवार काे विशेष ताैर पर खिचड़ी बनाई जाएगी। इस दिन खिचड़ी खाने का विशेष महात्म्य है।

घेवर की दुकान हर माेहल्ले में, 10 कराेड़ रुपए का हाेता है सीजन में काराेबार

खर मास लगते ही शहर की हर माेहल्ले में घेवर की अस्थाई दुकान सज जाती है। देशी घी, वनस्पति घी, पनीर के साथ ही रबड़ी के घेवराें की भी खूब बिक्री हाेती है। घेवर विक्रेताओं का कहना है कि सीजन में बीकानेर में 10 कराेड़ रुपए के घेवर बिक जाते हैं। आजकल घेवराें काे दूसरे राज्याें में भी भेजा जा रहा है। किसी युवती की सगाई हाेने या शादी हाेने पर उसके ससुराल में घेवर देने का विधान है। घेवर 3 से लेकर 21 तक की संख्या तक दिए जा रहे हैं। खरमास में हर घर में मल उतारने की रस्म भी निभाई जाती है। इसमें पकाैड़े बनाने के साथ ही घेवर का सेवन भी बहुतायत से किया जाता है।

विभिन्न राशियाें पर यह पड़ेगा असर, करना चाहिए यह दान

संक्रांति राशि फल : यह संक्रांति मेष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, धनु, मकर, कुंभ, मीन राशि वालाें के लिए लाभप्रद रहेगी।

मेष : बिगड़े काम बनेंगे, आर्थिक लाभ हाेगा।

दान : गुड़, मूंगफली दानें एवं तिल का दान करें।

वृष : पुण्य लाभ, मतभेद समाप्त।

दान : सफेद कपड़ा, दही एवं तिल का दान करें।

मिथुन : काम अधूरे रहेंगे।

दान : मूंग दाल, चावल, कंबल दान करें।

कर्क : मान-सम्मान में वृद्धि।

दान : चावल-चांदी व सफेद तिल का दान करें।

सिंह : अज्ञात भय।

दान : तांबा, गेहूं का दान करें।

कन्या : शिक्षा में उन्नति।

दान : खिचड़ी, कंबल एवं हरे कपड़े दान करें।

तुला : तनाव बढ़ेगा, मांगलिक कार्य भी हाेंगे।

दान : शक्कर, चावल एवं कंबल दान करें।

वृश्चिक : धन-लाभ हाेगा।

दान : लाल कपड़ा एवं तिल का दान करें।

धनु : सुख-समृद्धि बढ़ेगी।

दान : पीला कपड़ा, चना दान-हल्दी दान करें।

मकर : यश मिलेगा। मानसिक तनाव रहेगा।

दान : काला कंबल, तेल एवं काले तिल दान करें।

कुंभ : शारीरिक कष्ट, आर्थिक उन्नति।

दान : काला कपड़ा, काली उड़द, खिचड़ी एवं तिल का दान करें।

मीन : आर्थिक लाभ के अवसर बढ़ेंगे।

दान : रेशमी कपड़ा, चना दान व तिल का दान करें।

यह है कुंडली : संक्रांति कुंडली में मकर राशि पर सूर्य-बुध-शनि के एक साथ रहने से त्रिग्रही याेग रहने से केंद्रीय अथवा किसी राज्य मंत्री मंडल में विशेष परिवर्तन के संकेत है। माघ मास में पांच मंगलवाराें का समावेश हाेना सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्राें के लिए शुभ नहीं है। देश में कहीं राज्य परिवर्तन, राजनीतिक पार्टियाें में टकराव, सांप्रदायिक व हिंसक घटनाओं की संभावना रहेगी। आवश्यक वस्तुओं के मूल्याें में वृद्धि से जनता में आक्राेश व गहन असंताेष व्याप्त हाेगा। मकर संक्रांति पर ऊं सूर्याय नम: का जाप, आदित्यहृदय स्राेत, सूर्य अ‌र्घ्य देव स्तुति, पितृ तर्पण के साथ तिल, घृतादि सहित सामग्री द्वारा हवन करके ब्राह्मणाें काे भाेजन, वस्त्र, धार्मिक ग्रंथ दक्षिणा सहित दान करने का विशेष महात्म्य है।

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