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ये कैसी सख्ती.. इलाज कर रहे डॉक्टर पर जुर्माना:क्लीनिक के बाहर मरीजों की भीड़ देख भड़कीं SDM, पहले 5 हजार जुर्माना लगाया; डॉक्टर ने तर्क दिया तो बढ़ाकर 10 हजार किया, आईएमए में उबाल

बीकानेर2 महीने पहले
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SDM ने इसी खत्री क्लीनिक को सील करा दिया। - Dainik Bhaskar
SDM ने इसी खत्री क्लीनिक को सील करा दिया।

प्रदेश के कई अस्पताल फुल हो चुके हैं। इलाज करने से डॉक्टर हाथ खड़े कर रहे हैं। ऐसे समय में मरीजों को देख रहे एक डॉक्टर के यहां भीड़ देखकर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। क्लीनिक तक को सील कर दिया गया है। इतना ही नहीं, डॉक्टर को गिरफ्तार करने की धमकी दी गई। यह सब कारनामा जिला प्रशासन का है। मामला बीकानेर के गजनेर रोड के एक क्लीनिक का है। उधर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने नाराजगी जताते हुए जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर क्लिनिक वापस खुलवाने की मांग की है।

उधार मांगकर भरा जुर्माना

पुरानी गजनेर रोड पर डॉक्टर डॉ. एस.पी. खत्री की क्लिनिक है। यहां डॉक्टर के चेंबर में दो-तीन मरीज थे, जबकि क्लिनिक से बाहर 50 से अधिक मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें परिजन भी शामिल थे। एसडीएम मीनू वर्मा ने यहां पहुंचकर भीड़ पर नाराजगी जताई। अंदर बैठे सेवानिवृत्त डॉक्टर से कहा कि आप कोरोना महामारी गाइडलाइन्स का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने साथ आये कर्मचारियों से 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया। डॉ. खत्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि मैंने अपनी सफाई में कहा कि केबिन में सिर्फ दो मरीज हैं, सबने मास्क लगा रखा है। बाहर अगर मरीज आ जाते हैं तो वो क्या कर सकते हैं? इस पर एसडीएम और नाराज हो गईं और जुर्माने की राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिए। डॉ. खत्री ने बताया कि फिर सफाई देना चाहा तो उन्हें गिरफ्तार करने के लिए ही आदेश कर दिए। बाद में गिरफ्तार तो नहीं किया, लेकिन हाथों हाथ 10 हजार रुपये का जुर्माना भरने के लए मजबूर कर दिया। क्लीनिक को भी सील कर दिया गया। डॉ. खत्री ने बताया कि उनके पास 10 हजार रुपये नहीं थे, तो किसी से उधार मंगवाकर दिए। पास ही एक मेडिकल की दुकान को भी बंद कर दिया गया।

दवा की दुकान को सील करातीं SDM।
दवा की दुकान को सील करातीं SDM।

जिला कलेक्टर के निर्देश पर कार्रवाई

उपखण्ड अधिकारी मीनू वर्मा ने बताया कि जिला कलेक्टर के निर्देश पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर (नगर) अरुण प्रकाश शर्मा और कोटगेट की जाइंट एनफोर्समेंट टीम ने मंगलवार को खत्री क्लिनिक और कादरी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग मिले। इनमें से कई लोगों ने मास्क नहीं लगाए थे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं हो रहा था। इसके मद्देनजर कार्रवाई की गई है।खत्री क्लीनिक पर 10 हजार तथा कादरी मेडिकोज पर ढाई हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, आगामी आदेश तक सील कर दिया गया है।

डॉक्टरों में आक्रोश

डॉक्टरों ने कहा है कि इस तरह का व्यवहार असहनीय है। एक सेवानिवृत डॉक्टर विपरीत परिस्थितियों में भी काम कर रहा है, फिर भी उस पर कार्रवाई की जा रही है। सफाई दें तो उसकी पेनाल्टी राशि दो गुनी कर दी गई। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉ. एस.एन. हर्ष ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि कोई क्लीनिक में मरीज खाना पीना करने नहीं आते। वो जल्द से जल्द अपना इलाज कराकर जाना चाहते हैं। वहीं, वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप सिंह बिट्‌ठू ने कहा है कि इस संबंध में चिकित्सकों का दल जिला कलेक्टर से मिलकर नाराजगी जताएगा। जो लोग बिना मास्क हैं, उन पर कार्रवाई करने के बजाय डॉक्टर पर कार्रवाई करना अनुचित है।

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