पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • Stubbornness To Make India Hunger free, Boosts Immunity, Provided 13.75 Lakh Saplings In 7 States Including Rajasthan, 4.65 Lakh In Bikaner

कोरोनकाल:भारत को भूख मुक्त करने की जिद,इम्युनिटी बढ़ाता है सहजन, कोरोनकाल में राजस्थान सहित 7 राज्यों में लगवा दिए 13.75 लाख पौधे, बीकानेर में 4.65 लाख

बीकानेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • डूंगर कालेज के शिक्षक का जुनून, बीछवाल में 10 बीघा खेत पर महिला कृषक ने लगाए 2 हजार पौधे, अब पेड़ बन गए

विश्व भूख सूचकांक में भारत का नम्बर 117 देशों में से 102 नम्बर पर है। आईसीएमआर और नीति आयोग ने भी भारत में कुपोषण की स्थिति को उजागर किया है। इन रिपोर्ट्स को देखने के बाद एक शिक्षक ने भारत को भूख मुक्त करने की मुहिम छेड़ी है। कोरोना काल मे सोशल मीडिया का फायदा उठाया। राजस्थान सहित देश के सात राज्यों में मात्र चार महीने में पौने 14 लाख सहजन के पौधे तैयार कर दिए। इनमें

बीकानेर के 4 लाख 65 हजार पौधे शामिल हैं। राजकीय डूंगर महाविद्यालय में समाजशास्त्र विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर श्याम सुंदर ज्याणी ने कोरोना को देखते हुए मई में घर-घर सहजन, भूख मुक्त भारत के लिए एक सामाजिक पहल नाम से मुहिम शुरू की। चूंकि सहजन एक ऐसा पेड़ है जिसकी फलियां और पत्ते इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं। डॉक्टर्स भी आजकल मोरिंगा के कैप्सूल लिखने लगे हैं। इसलिए उन्होंने सहजन को

परिवार से जोड़ने का संकल्प लिया। सोशल मीडिया के जरिये पर्यावरण की पाठशाला से जुड़े फॉलोअर्स को सहजन के फायदे और खेती की जानकारी वीडियो के माध्यम से पोस्ट की। प्रदेशभर में सहजन लोगों तक पहुंचाने के लिए शिक्षक संघ शेखावत की मदद ली। बक़ौल ज्याणी सहजन के 17 लाख 70 हजार बीज राजस्थान के 29 जिलों के अलावा उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली निःशुल्क भेजे।

इन बीजों से पौने 14 लाख पौधे तैयार होने की रिपोर्ट आई है। मदुरई यूनिवर्सिटी ने सहजन के हाई ब्रीड बीज तैयार किये हैं, जो छह काम मे ही फसल देते हैं। बीकानेर संभाग सहित कई जिलों में बीज के किट आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी बांटे जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ज्याणी ने 15 साल पहले पर्यावरण के क्षेत्र में पारिवारिक वानिकी की अवधारणा विकसित की थी। इसके तहत प्रदेश में अब तक 24 लाख पौधरोपण करवा चुके हैं।

महिला कृषक ने 10 बीघा में लगाए 2 हजार पौधे

बीछवाल स्थित काउबेल डेयरी फार्म पर एक महिला कृषक ने हर्बल गार्डन विकसित किया है। दो साल की अथक मेहनत से नेहा तंवर ने 10 बीघा जमीन पर सहजन के 2 हजार पौधे लगाए ही नहीं उन्हें पेड़ बनाने में सफलता हासिल की है। इसके साथ ही आंवला, ग्वार पाठा, अश्वगंधा, तुलसी, कीनू भी लगाए हैं।

अपने ससुर ठाकुर नरेंद्र सिंह तंवर को प्रेरणास्रोत मानने वाली नेहा ने बताया कि कोरोना में लोकडाउन के कारण बाहर आजा नहीं सकते। इसलिए परिवार सहित फार्म पर ही आ गए। सहजन और गार्डन को विकसित करने का समय भी मिल गया। इसमें फार्म पर काम करने वाली कृषक महिलाओं की भी अच्छी भूमिका रही।

काउबेल फार्म के नवीन सिंह तंवर बताते हैं कि खेती के लिए केंचुए की खाद भी फार्म पर ही तैयार की जा रही है। सहजन के पत्तों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जा रहा है। इसके औषधीय गुण इतने हैं कि कोरोनकाल में इसका सेवन काफी लाभदायक है।

सहजन लोगों को लागना चाहिए। पशुओं को देने से दूध की मात्रा बढ़ती है। खारे पानी में भी हो जाता है। पानी कम चाहिए। फलियों और पत्तियों का व्यापार भी किया जा सकता है। सबसे जल्दी फल देने वाला पेड़ है। यूपी सरकार ने तो हर स्कूल में सहजन के पौधे लगाने के आदेश जारी कर रखे हैं। पहले साउथ में लगाते थे। अब राजस्थान में भी इसके प्रति किसानों का रुझान बढ़ने लगा है। राजस्थान की सभी स्कूलों और धर्मिक स्थलों पर इसे लागना अनिवार्य कर देना चाहिए। इंद्र मोहन वर्मा, वानिकी विशेषज्ञ, स्वामी केशवानंद, विश्वविद्यालय

सहजन बहुत की उपयोगी औषधि युक्त पेड़ है। गठिया में उपयोगी है। न्यूट्रिशन, केल्शियम सहित काफी पोषक तत्व मिलते हैं। बच्चों की ग्रोथ के लिए बढ़िया है। गैस विकारक है। एक चम्मच पाउडर पानी के साथ प्रतिदिन सेवन से लाभ है। गोविंद ओझा, आयुर्वेद चिकित्सक

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज किसी समाज सेवी संस्था अथवा किसी प्रिय मित्र की सहायता में समय व्यतीत होगा। धार्मिक तथा आध्यात्मिक कामों में भी आपकी रुचि रहेगी। युवा वर्ग अपनी मेहनत के अनुरूप शुभ परिणाम हासिल करेंगे। तथा ...

और पढ़ें