• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Bikaner
  • Students Of MGSU University Of Bikaner Got Annual Package Of 22.2 Lakhs In Saudi Arabia, Employment Is Increasing In Environmental Engineering After Corona

एनवायरमेंट में बड़ा पैकेज:बीकानेर के MGSU युनिवर्सिटी के स्टूडेंट को सऊदी अरब में मिला 22.2 लाख का सालाना पैकेज, कोरोना के बाद एनवायरमेंट इंजीनियरिंग में बढ़ रहा रोजगार

बीकानेर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना वायरस ने जहां एक तरफ हजारों युवाओं का रोजगार छीन लिया है, वहीं दूसरी ओर एनवायरमेंट की पढ़ाई कर रहे युवाओं के लिए अवसर भी साबित हुआ है। दरअसल, दुनियाभर में पर्यावरण से जुड़ी सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं ने एनवायरमेंट टेक्नोलॉजी पर काम शुरू कर दिया है। यही कारण है कि बीकानेर के महाराजा गंगासिंह (MGS) युनिवर्सिटी से एनवायरमेंट साइंस पढ़ रहे स्टूडेंट्स को भी देश विदेश में रोजगार का अवसर मिला है।

इस युनिवर्सिटी के एक स्टूडेंट् गफ्फार अली को सऊदी अरब में सालाना 22 लाख 23 हजार रुपए का पैकेज मिला है। गफ्फार ने बीकानेर से एम.एससी. (एनवायरमेंट साइंस) की। पिछले दिनों जब सऊदी अरब की एक कंपनी ने वैकंसी निकाली तो उसमें पर्यावरण को खास महत्व दिया गया। ऐसे में बीकानेर की इस युनिवर्सिटी के गफ्फार को अवसर मिल गया।

देशभर में मिल रहा रोजगार

युनिवर्सिटी के एनवायरमेंट डिपार्टमेंट के हेड अनिल छंगाणी ने बताया कि विभाग के पूर्व छात्र गफ्फार अली को साउदी अरब की कम्पनी ”आर्चीरोडोन-ग्रीक“ मे “इन्वायर्नमेन्ट इंजीनियर“ के पद पर नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि ये तो एक उदाहरण मात्र है। भारत में ही बीस से अधिक स्टूडेंट्स को रोजगार मिल गया है। प्रो. छंगाणी ने बताया की देश- विदेश मे, वर्तमान कोविड-19 महामारी से स्वास्थ्य एवम् पर्यावरण के प्रति जागरूकता मे बढोतरी हुई है। जिसके चलते देश- विदेश मे सरकारी एवं गैर-सरकारी क्षेत्रों जैसे, उद्योग, वन, पर्यावरण, स्वच्छता, प्राकृतिक संसाधन, जैवविविधता, जल, हवा, ऊर्जा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्रों मे पर्यावरण विषय के विद्यार्थियों व शोधार्थियो की मांग बढी है।

यहां मिल रहा है अवसर

एनवायरमेंट साइंस की पढ़ाई कररहे युवाओं को केंद्र सरकार के स्वच्छता अभियान में, पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, सोलिड बेस ट्रीटमेंट प्लांट, एनजीओ के प्रोजेक्ट्स में काम मिल रहा है। सरकारी विभागों में जूनियर रिसर्च फैलॉशिप (JRF) की डिमांड भी बढ़ गई है। ये विभाग तो पहले भी थे लेकिन कोरोना के बाद इन विभागों में एनवायरमेंट को लेकर जागरुकता आ गई है। इन विभागों में अब बायो डायवर्सिटी का एनालिसिस किया जा रहा है। इसके अलावा हवा, पानी और मिट्‌टी की मोनिटरिंग पर भी ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में एनवायरमेंट साइंस पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को काम भी मिल रहा है।

हर साल बीस का बैच

बीकानेर में एमएससी एनवायरेंट में हर साल बीस स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया जा रहा है। इसके अलावा पीएचडी भी करवाई जा रही है। पिछले साल जिन बीस स्टॅडेंट्स ने एनवायरमेंट साइंस में एमएससी की है, उनमें अधिकांश को रोजगार भी मिल गया।

खबरें और भी हैं...