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सस्पेंस बरकरार:राेडवेज-प्राइवेट की 1100 बसाें के 10 जून से चलाने पर सस्पेंस

बीकानेर8 दिन पहले
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काेराेना केस बढ़ने के बाद प्रदेश में लगे लाॅकडाउन से बीकानेर जिले में राेडवेज व प्राइवेट काे मिलाकर 11 साै बसाें के पहिए थमे हुए हैं। दस जून की सुबह लाॅकडाउन समाप्त हाेना प्रस्तावित है। हालांकि राज्य सरकार ने काेराेना केस कम हाेने के साथ ही शर्ताें के कुछ जिलाें काे अनलाॅक करना शुरू कर दिया है। बावजूद अभी तक आवागमन के लिए चलने वाली राेडवेज, प्राइवेट बसें, टैक्सियाें व निजी वाहनाें के लिए काेई भी फैसला नहीं लिया गया है।

ऐसे में सस्पेंस बना हुआ है कि इन वाहनाें काे संचालन की अनुमति कब मिलेगी। किन शर्ताें के साथ मिलेगी। राेडवेज के मुताबिक प्रदेश में 3875 बसें का संचालन लाॅकडाउन से पहले हाेता था। यह बसें राेजाना 12.50 लाख किलाेमीटर चलती थी। जिससे राेडवेज काे राेजाना करीब पाैने पांच कराेड़ का राजस्व मिलता था। बीकानेर डिपाे की 99 बसाें के संचालन से राेडवेज काे राेजाना 15-16 लाख रुपए की आय हाेती थी।

उधर 100 बसें लाेक परिवहन, 100 नाइट सर्विस, 200 ग्रामीण रूट व 600 बसें अन्य जिलाें में राेजाना अपडाउन करती है। इन बसाें के संचालन से ऑपरेटर्स काे राेजाना करीब सवा से डेढ़ कराेड़ रुपए की आय हाेती थी। गाैरतलब है कि राेडवेज काे एक महीने बसाें के संचालन नहीं हाेने से करीब 145 कराेड़ रुपए का घाटा हाेगा।

राेडवेज बसाें का संचालन दस जून से किए जाना प्रस्तावित है। सरकार ने अभी तक गाइडलाइन जारी नहीं की है। 50 प्रतिशत यात्रीभार के साथ बसें चलेगी। इस बारे में काेई फैसला नहीं हुआ है। बात रही इंटर स्टेट जाने वाली राेडवेज बसाें की ताे वह चलना तभी संभव हाेगा, जब उस राज्य की सरकार परमिशन देगी। संचालन काे लेकर सभी तैयारियां कंप्लीट है। गाड़ियां, ड्राइवर व कंडेक्टर तैयार है। -सुधीर भाटी, पीआरओ, राेडवेज

काेराेना संक्रमण के चलते एक महीने से बसाें का संचालन बंद है। अब सरकार अगर गाइडलाइन में 50 प्रतिशत यात्रीभार के साथ बसें चलाने की स्वीकृति देगी ताे ऑपरेटर्स बसें नहीं चलाएंगे। वजह डीजल के रेट काफी बढ़ गए है। यात्रियाें में भी अब भय है। ऐसे में जुलाई तक ट्रैफिक नहीं मिलेगा। वर्तमान किराए में बसें चलाने संभव नहीं है। सरकार से मांग करेंगे कि मई से जुलाई तक का टैक्स माफ करें।-समुंद्रसिंह राठाैड़, अध्यक्ष, बीकानेर बस ऑपरेटर एसाेसिएशन।

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