उद्यान विभाग कल निकालेगा किसानों के अनुदान की लॉटरी:कृषि अनुदान में लंबी वेटिंग का सिस्टम खत्म, लॉटरी के कारण सभी को मिला समान मौका

बीकानेर2 महीने पहले
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उद्यान विभाग की ओर से खेताें में पॉली हाउस लगाने, सामुदायिक जल स्रोत बनाने, वर्मी कम्पोस्ट संरचना का प्लांट लगाने, प्याज भंडारण का गोदाम बनाने, फर्टिगेशन व हाइवैल्यू कल्टीवेशन के लिए अनुदान दिया जाता है। वर्षों से किसानों को यह अनुदान मिल रहा है मगर इसमें हजारों की वेटिंग लिस्ट भी है। जिन लोगों को इन योजनाओं का पहले पता चल जाता था वे उसमें पहले आवेदन कर वेटिंग में ऊपर आ जाते थे। अन्य किसान जब आवेदन करने जाता तो लंबी वेटिंग लिस्ट देखकर हाई टेक्नोलॉजी अपनाने के अपने सपने छोड़ देता।

ऐसे ही किसानों की समस्याओं को देखते हुए अब उद्यान विभाग ने वेटिंग सिस्टम को खत्म कर दिया है। राज्य सरकार की गाइड लाइन आने पर अब सारा काम लॉटरी से किया जाने लगा है। इसी कारण अब सभी किसान इस योजना में शामिल होकर समान रूप से किसी भी नई टेक्नोलॉजी को अपनाने के लिए अनुदान पर मिलने वाली योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। 30 सितंबर को दोपहर 3 बजे सांगलुपरा बस स्टैंड के पास स्थित उपनिदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा कार्यालय में इस साल की लॉटरी निकलेगी।

उद्यान विभाग ने 30 अगस्त तक इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इनमें जिले से करीब 1021 किसानों ने आवेदन किया है। इन सभी के आवेदनों को चेक करने के बाद अब किसे अनुदान मिलेगा, इसका फैसला लॉटरी से किया जाएगा। विभाग आवेदन पत्रों की जांच के बाद लक्ष्य से डेढ़ गुना किसानों की लॉटरी निकालेगा।

अब नए सिरे से होंगे आवेदन, पेंडेंसी नहीं रहेगी : दोगने बताते हैं कि अब विभाग के पास किसी भी योजना की कोई पेंडेंसी नहीं रहेगी। इस बार जिनका नंबर आ गया, वे योजना का लाभ लेंगे। जिनका नहीं आएगा वे अगले साल नए सिरे से आवेदन करेंगे। पहले पांच से सात साल की वेटिंग लिस्ट रहती थी। अब हर साल नए आवेदन और नई सूची बनेगी।

मेडिटेशन प्लांट - ग्वार पाठा में किसी की रुचि नहीं : उद्यान विभाग ने मेडिटेशन प्लांट यानी ग्वार पाठा की खेती के लिए भी अनुदान देने के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। मगर, इसमें एक भी किसान ने आवेदन नहीं किया। विभाग के पास 5 हैक्टेयर में ग्वार पाठ लगाने का लक्ष्य था। सहायक निदेशक दोगने बताते हैं कि ग्वार पाठा बेचने में किसानों को परेशानी आती है, इस कारण वे इसके प्रति रूझान नहीं दिखा रहे।

यह है लक्ष्य और इतने आए आवेदन

  • वर्मीकमोपोस्ट : 8 लक्ष्य, 120 आवेदन।
  • खजूर : 5 हैक्टेयर लक्ष्य, 13 आवेदन में 64 हैक्टेयर के प्रस्ताव मिले।
  • सामुदायिक जल स्रोत : 4 लक्ष्य, 114 आवेदन आए।
  • पॉली हाउस : 7 लक्ष्य, 302 आवेदन मिले।
  • हाई वेल्यु कल्टीवेशन : 1 लक्ष्य के मुकाबले 140 आवेदन आए।
  • प्याज भंडारण : 17 लक्ष्य के मुकाबले 290 आवेदन मिले।
  • फर्टिगेशन : 38 हैक्टेयर, 42 आवेदन आए।
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